रकुल प्रीत सिंह का ‘गट हेल्थ’ मंत्र, आंत और दिमाग के बीच जानें गहरा संबंध
Rakul Preet Singh on ‘gut is the second brain’: बॉलीवुड एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने
हाल ही में अपने फैंस के साथ एक बेहद ही महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. दरअसल, पिछले एक दशक से अभिनेत्री गेहूं की जगह ज्वार, बाजरा और रागी जैसे ग्लूटन-मुक्त आटे का सेवन कर रही हैं. उनका मानना है कि हमारी आंतों का स्वास्थ्य सीधे हमारे मानसिक स्वास्थ्य और ऊर्जा के स्तर को पूरी तरह से प्रभावित करने काम करते हैं.
आंत और पोषण विज्ञान
रकुल ज्वार और बाजरा चुनती हैं क्योंकि ये जटिल कार्ब्स पचने में आसान होते हैं और पेट में सूजन (inflammation) की समस्या को किसी भी हाल में पैदा नहीं करते हैं.
सेरोटोनिन का स्रोत
तो वहीं, दूसरी तरफ आंत में मौजूद खरबों अच्छे बैक्टीरिया 'वेगस नर्व' के जरिए मस्तिष्क को निरंतर संकेत भेजते रहते हैं.
ग्लूटन-मुक्त चुनाव
इसके साथ ही खराब पाचन या कब्ज अक्सर चिंता (anxiety) और चिड़चिड़ेपन की वजह बनता है, जिसे 'गट-ब्रेन एक्सिस' भी कहा जाता है.
माइक्रोबायोम का संतुलन
तो वहीं, दूसरी तरफ आंत में मौजूद खरबों अच्छे बैक्टीरिया 'वेगस नर्व' के जरिए मस्तिष्क को निरंतर संकेत भेजते रहते हैं.
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
इसके साथ ही खराब पाचन या कब्ज अक्सर चिंता (anxiety) और चिड़चिड़ेपन की वजह बनता है, जिसे 'गट-ब्रेन एक्सिस' भी कहा जाता है.
पोषण और ऊर्जा
मिलेट्स (बाजरा आदि) में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो रक्त शर्करा को स्थिर रखने के साथ-साथ और दिमाग को दिन भर सक्रिय बनाए रखने में बेहद ही मदद करता है.