स्क्रीन से स्ट्रीमिंग तक, ओटीटी पर देखने को मिली महिला शक्ति
Female Power on OTT Platforms: डिजिटल क्रांति ने महिला कलाकारों को ऐसे मंच दिए हैं जहां वे केवल सुंदरता तक ही सीमित नहीं हैं. राधिका आप्टे से लेकर फीबी वॉलर-ब्रिज तक, इन अभिनेत्रियों ने अपनी अहम भूमिकाओं के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि ओटीटी की दुनिया में अब महिला शक्ति ही असली ‘गेम चेंजर’ के रूप में काम करने वाली है, जिससे दर्शक देखने खूब पंसद भी कर रहे हैं.
राधिका आप्टे (सेक्रेड गेम्स/घोल)
राधिका आप्टे ने ओटीटी पर 'बोल्ड' और 'कंटेंट-ड्रिवन' सिनेमा से शुरुआत की, जहां पर उन्होंने जटिल और मजबूत महिला किरदारों को बखूबी निभाने का काम किया.
शेफाली शाह (दिल्ली क्राइम)
तो वहीं, वर्तिका चतुर्वेदी के रूप में शेफाली ने स्क्रीन पर एक सशक्त महिला पुलिस अधिकारी के अनुशासन और संवेदनशीलता का शानदार संतुलन पेश कर लोगों के दिलों पर राज़ किया.
शोभिता धूलिपाला (मेड इन हेवन)
इसके अलावा तारा खन्ना के किरदार में शोभिता ने एक ऐसी महत्वाकांक्षी महिला के किरदार को निभाया जो समाज के नियमों को अपने हिसाब से बदलने की हिम्मत रखती हैं.
सामंथा रुथ प्रभु (द फैमिली मैन 2)
तो वहीं, राजी के किरदार में सामंथा ने यह साबित कर दिया कि एक महिला स्क्रीन पर उतने ही घातक और दमदार एक्शन स्टंट कर सकती है जितने कि कोई भी पुरुष.
प्राजक्ता कोली (मिस्मैच्ड)
इसके साथ ही यूट्यूब से ओटीटी तक का सफर तय करने वाली प्राजक्ता कोहली ने विश्वभर में अपनी अनोखी पहचान बनाई है. आज की आधुनिक और स्वतंत्र युवा पीढ़ी की लड़की की आवाज को उन्होंने बखूबी पर्दे पर उतारा है.
फीबी वॉलर-ब्रिज (फ्लीबैग - इंटरनेशनल)
तो वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फीबी ने 'फ्लीबैग' के माध्यम से महिला हास्य और उनकी आंतरिक उलझनों को एक नई, बेबाक और ईमानदार दिशा देने का काम किया है.
विविध कहानियों का उदय
ओटीटी ने महिलाओं को न सिर्फ 'नायिका' नहीं, बल्कि विलेन, जासूस और लीडर के रूप में पेश कर कहानी कहने के नजरिए को पूरी तरह से बदल दिया है.