बॉलीवुड फ्लैशबैक, जब फिल्म ‘रोजा’ ने जीते 11 अवॉर्ड्स और हर गाना बना इतिहास
A Cult Classic That Changed Indian Cinema Forever: साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘रोजा’ ने ए.आर. रहमान के रूप में भारत को एक संगीत का जादूगर बना दिया. जहां, इस फिल्म ने अपनी अनोखी कहानी और जादुई संगीत के दम पर 11 पुरस्कार जीतकर पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया. तो वहीं, इसका संगीत इतना प्रभावशाली था कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और इसने भारतीय सिनेमा में डब की गई फिल्मों की सफलता का एक नया द्वार खोल दिया.
ए.आर. रहमान का उदय
इस फिल्म के जरिए मणिरत्नम ने एक युवा संगीतकार ए.आर. रहमान को दुनिया से मिलाने में बड़ी सफलता हासिल की. साथ ही फिल्म 'रोजा' रहमान की पहली फिल्म थी, जिसने संगीत की दुनिया में विश्वभर में तहलका मचा दिया था.
संगीत की बदली नई परिभाषा
फिल्म का संगीत उस समय के पारंपरिक बॉलीवुड संगीत से बेहद ही अलग था. इसके साथ ही ए.आर.रहमान ने इसमें इलेक्ट्रॉनिक संगीत और शास्त्रीय धुनों का मेल किया था, उन्होंने 'म्यूजिक प्रोडक्शन' का स्तर हमेशा के लिए बदल दिया.
शत-प्रतिशत हिट एल्बम
तो वहीं, 'रोजा' का एक भी गाना ऐसा नहीं था जो हिट न हुआ हो. 'दिल है छोटा सा' से लेकर 'ये हसीं वादियाँ' और 'रोजा जाने मन' तक, हर गाना आज भी एक 'कल्ट क्लासिक' माना जाता है और लोग इससे सुनना बेहद ही पसंद करते हैं.
11 प्रतिष्ठित पुरस्कार
तो वहीं, ददूसरी तरफ फिल्म ने अपनी गुणवत्ता और प्रभाव की वजह से अब तक कुल 11 बड़े पुरस्कार जीते, जिनमें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) शामिल हैं.
ऑस्कर का सफर यहीं से हुआ शुरू
भले ही संगीतकार ए.आर. रहमान को 'स्लमडॉग मिलेनियर' के लिए ऑस्कर मिला, लेकिन उनकी नींव 'रोजा' ने ही रखी थी. तो वहीं, टाइम पत्रिका ने इसके साउंडट्रैक को दुनिया के '10 सर्वश्रेष्ठ साउंडट्रैक्स' में एक अलग ही जगह दी थी.
पैन-इंडिया मिली सफलता
देखा जाए तो, तमिल में बनी इस फिल्म को जब हिंदी में डब किया गया, तो इसे उत्तर भारत में भी बड़े पैमाने पर जबरदस्त सफलता मिली. यह साबित कर दिया कि अच्छी कहानी और संगीत भाषा की सीमाओं को पार कर सकते हैं.