जहां ईद की खुशियां मनाना भी जुर्म! विरोध करने पर मिलती है सख्त सजा; जश्न मनाने की कोशिश भी पड़ सकती है महंगी!
Eid 2026: ईद उल फितर इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है. यह त्योहार रमजान के महीने के खत्म होने पर मनाया जाता है. रमजान में मुस्लिम पूरे महीने रोजा रखते हैं और अल्लाह को शुक्रिया कहते हैं. ईद के दिन सभी लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां मनाते हैं. नए कपड़े, मिठाई खाना और दुआ करना इस त्योहार पर किया जाता है. भारत समेत कई देशों में मुस्लिम ये त्योहार धूमधाम से मनाते हैं.
खुलेआम नहीं मना सकते ईद
ईद केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक भाईचारे का भी प्रतीक है. लोग इस दिन मिठाई बांटते हैं और गरीबों को दान देते हैं. लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां धार्मिक आजादी सीमित है और खुलेआम त्योहार मनाने पर कार्रवाई हो सकती है.
चीन
चीन में उइगर मुस्लिमों पर कड़े नियम लागू किए जाते हैं. खासतौर पर शिनजियांग इलाके में, यहां सार्वजनिक नमाज पढ़ना, रोजा रखना और धार्मिक आयोजन सभी चीजें सरकार की निगरानी में की जाती हैं.
ईद समारोह अक्सर सीमित कर दिए जाते हैं. सीधे ईद मनाने पर सजा का प्रावधान नहीं है, लेकिन अगर नियमों की अनदेखी की तो कड़ी सजा मिल सकती है. उइगर समुदाय के लिए यह त्योहार अब केवल घरों तक सीमित रह गया है.
नॉर्थ कोरिया
नॉर्थ कोरिया में सभी धर्मों पर कड़ा नियंत्रण है. यहां मुसलमान खुलकर सार्वजनिक रुप से ईद नहीं मना सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाता है. इस देश में धार्मिक आजादी लगभग शून्य के बराबर है. यहां मुसलमान ईद चुपके से मनाते हैं.
म्यांमार
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति भी काफी चिंताजनक है. कई इलाकों में उन्हें धार्मिक समारोह मनाने की इजाजत नहीं है. ईद के अवसर पर लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं. सरकारी नियमों और स्थानीय विरोध के कारण रोहिंग्या अपने त्योहार निजी स्तर पर मनाते हैं. इसका असर उनकी सामाजिक और धार्मिक जिंदगी पर पड़ता है.
इरिट्रिया
इरिट्रिया में सरकार केवल कुछ मान्यता प्राप्त धर्मों को ही अनुमति देती है. लेकिन मुस्लिम समुदाय पर धार्मिक गतिविधियों की कड़ी निगरानी रखी जाती है. ईद मनाने की स्वतंत्रता यहां काफी सीमित है. सार्वजनिक उत्सव पर रोक लगी हुई है. अगर नियमों का उल्लंघन हुआ तो कड़ी सजा मिलती है.
जेल या अन्य कड़ी कार्रवाई
चीन में अगर कोई व्यक्ति नियम तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. उसे नजरबंदी, आर्थिक जुर्माना या सरकारी हिरासत हो सकती है. वहीं नॉर्थ कोरिया में विरोध या नियमों के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान काफी गंभीर हो सकता है.
धार्मिक गतिविधियों पर नियंत्रण
इन देशों की सरकार पूरी तरह से धार्मिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखती है. म्यांमार में भी विरोध जताने पर
पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और स्थानीय हिंसा का खतरा रहता है. वहीं इरिट्रिया में गुप्त नजरबंदी, गिरफ्तारी और जेल जैसी सजा का प्रावधान है.