Diabetes And Sweating Problems: मधुमेह का असर सिर्फ शुगर तक सीमित नहीं, पसीने की ग्रंथियों पर भी डालता है प्रभाव
Diabetes And Sweating Problems: मधुमेह केवल ब्लड शुगर को प्रभावित करने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर की कई प्रणालियों पर असर डालता है। जब डायबिटीज लंबे समय तक अनियंत्रित रहती है, तो यह नसों को नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर ऑटोनॉमिक नर्व सिस्टम को, जो पसीने की ग्रंथियों को नियंत्रित करता है। इस स्थिति को डायबेटिक ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी कहते हैं
पसीना आना
मधुमेह के मरीजों में कभी बहुत ज्यादा तो कभी बहुत कम पसीना आता है।
हाथ-पैर सूख जाना
शरीर के कुछ हिस्सों, खासकर हथेलियों और तलवों में पसीना आना बंद हो जाता है।
रात में ज्यादा पसीना आना
ब्लड शुगर का स्तर गिरने पर रात को अत्यधिक पसीना आ सकता है।
खुजली
पसीने की असंतुलन से त्वचा संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।
पसीने की दुर्गंध
ग्रंथियों के खराब कार्य से पसीने की गंध में भी बदलाव हो सकता है।
इंफेक्शन
नमी या पसीने के कारण फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.