हिंदू धर्म में दही का विशेष महत्व, लेकिन इस एक कारण से बन सकता है अशुभ,जानें वजह
Dahi: दही को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है. दही को पंच अमृत में से एक माना गया है. दही को हर पूजा-पाठ में शामिल किया जाता है. दही हर शुभ कार्य से पहले खाया जाता है.
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हिंदू धर्म में पंचामृत का विशेष महत्व है. पंचामृत का अर्थ है पांच अमृत से बना, जिसमें, दूध, दही, शहद, चीनी और घी का मिश्रण होता है. पंचामृत को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. दही चंद्रमा का प्रतीक है वहीं शक्कर शुक्र ग्रह का प्रतीक है. इन दोनों चीजों का सेवन आपके जीवन में गुड लव लेकर आता है, साथ ही पॉजीटिव ऊर्जा शरीर में आती है.
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घर से बाहर निकले समय या किसी शुभ कार्य के लिए जाते समय दही, चीनी खाया जाता है, ऐसा इसलिए कहा जाता है ताकि उस कार्य में सफलता हासिल हो और सौभाग्य की प्राप्ति हो. भगवान में भगवान श्री कृष्ण को बेहद प्रिय हैं.
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अगर घर में दही की कटोरी अचानक गिर जाए तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है. इससे घर की समृद्धि में कमी, आर्थिक नुकसान या पारिवारिक कलह की संभावना बन सकती है.
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दही के धार्मिक गुण के साथ-साथ औषधिक गुण भी बहुत है. दही शरीर में शीतलता प्रदान करता है. इसके सेवन से मन प्रसन्न और शांत रहता है. सेहत के लिए भी दही को फायदेमंद बताया गया है.
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ज्योतिष शास्त्र में सफेद रंग चंद्रमा का प्रतीक है. सफेद रंग की चीज खाने से मन प्रसन्न और नियंत्रण में रहता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है.
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दही का सेवन हमेशा सुबह के समय करना चाहिए, इसे हेल्थ और लक दोनों के लिए फायदेमंद माना गया है. सूरज ढलने के बाद दही का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा माना गया है कि शाम के समय दही का सेवन जीवन में निरसता और नेगेटिव ऊर्जा लाता है.