Ayushman Bharat AI Tool: अब धांधली नहीं चलेगी? आयुष्मान भारत का AI सिस्टम पकड़ेगा फेक इंश्योरेंस क्लेम
Ayushman Bharat AI Tool: गलत इस्तेमाल के आम पैटर्न, जैसे क्लेम बढ़ाने के लिए बेवजह हॉस्पिटल में ज़्यादा समय बिताना या तय इलाज के तरीकों से भटकना, रिव्यू के लिए अपने आप फ़्लैग हो जाते हैं. चाहे आयुष्मान भारत स्कीम के लिए फ़्रेडरिक बेनिफ़िशियरी एप्लीकेशन को फ़िल्टर करना हो या डॉक्टर की बात को डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन में बदलने वाला वॉइस-टू-टेक्स्ट मॉडल, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का स्टॉल AI इम्पैक्ट समिट 2026 में ध्यान खींच रहा है.
क्या है ये आयुष्मान भारत AI टूल
आयुष्मान भारत की इंश्योरेंस ब्रांच के लिए डेवलप की गई AI-बेस्ड नेशनल एंटी-फ़्रॉड यूनिट को दिखाते हुए, अधिकारियों ने कहा कि लीकेज, चाहे वो गलत इस्तेमाल, मिसयूज़, वेस्टेज या जानबूझकर किए गए फ़्रॉड के रूप में हो, किसी भी बड़े हेल्थ सिस्टम में एक अंदरूनी रिस्क है.
क्या है इस टूल का मकसद
इस टूल का मकसद गलतियों और देरी को कम करना है. सिर्फ़ सही क्लेम ही आगे बढ़ेंगे और ट्रांसपेरेंसी लाएंगे. “यह गुम हुए डॉक्यूमेंट्स, साफ़ रिपोर्ट या मरीज़ की गलत जानकारी को ट्रैक कर सकता है. एक अधिकारी ने कहा, “2026 तक, 650 करोड़ रुपये के सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल रोका गया है.”
सही लाभार्थी तक पहुंचे पैसे
इतना ही नहीं उन्होंने नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के तहत नेशनल एंटी-फ्रॉड यूनिट (NAFU) बनाने के पीछे का कारण बताते हुए कहा, “किसी भी सरकारी फंड वाले प्रोग्राम को यह पक्का करना चाहिए कि हर रुपया सही लाभार्थी तक पहुंचे.”
दावों में ट्रांसपेरेंसी
PMJAY के शुरुआती सालों में बनाया गया NAFU, कम्प्लायंस को मज़बूत करने, गड़बड़ियों का पता लगाने और सिस्टम की कमियों को पहले से दूर करने के लिए एक खास इंस्टीट्यूशनल सिस्टम के तौर पर डिज़ाइन किया गया था. समय के साथ, राज्यों को इस फ्रेमवर्क में लाया गया और उन्हें अपनी एंटी-फ्रॉड यूनिट बनाने के लिए बढ़ावा दिया गया, जिससे एक कोऑर्डिनेटेड नेशनल स्ट्रक्चर बना.
होगा एडवांस डिजिटल इलाज
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत हेल्थकेयर के तेज़ी से डिजिटाइज़ेशन के साथ, मरीज़ों और दावों का बहुत सारा डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए आने लगा. अधिकारी के मुताबिक, इससे न सिर्फ़ सर्विस डिलीवरी के लिए बल्कि फाइनेंशियल निगरानी के लिए भी एडवांस्ड एनालिटिक्स का इस्तेमाल करने का मौका मिला.
सिस्टम का कार्य
नए सिस्टम के तहत, NHA को मिला सारा क्लेम डेटा क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुरक्षित रूप से स्टोर किया जाता है, जिसे फिर नियमों के अनुसार और AI इंजन द्वारा प्रोसेस किया जाता है. सिस्टम यह जांचता है कि PMJAY की स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस के अनुसार हॉस्पिटल में भर्ती होना मेडिकली सही था या नहीं और यह भी जांचता है कि बताए गए तरीके और फायदे मंज़ूर नियमों के मुताबिक हैं या नहीं.