7 most mysterious buildings of India:भारत की 7 सबसे रहस्यमयी इमारतें जिन्हें आज भी लोग देखना चाहते हैं
भारत एक प्राचीन सभ्यता है, जहाँ हजारों सालों से स्थापत्य कला और वास्तुशिल्प का विकास होता आया है। ये इमारतें न सिर्फ स्थापत्य की दृष्टि से अद्भुत हैं, बल्कि इनमें छुपा इतिहास भी अनमोल है। इसे जानना एक कला है जिसे आप किसी भी प्रकार से खोज सकते है |
सांची स्तूप
मध्यप्रदेश
निर्माण: तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व बनी ।
बनवाया: सम्राट अशोक
विशेषता: यह बौद्ध धर्म का सबसे प्राचीन स्तूप है, जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े चित्र खुदे हैं।
महाबलीपुरम मंदिर
निर्माण: 7वीं शताब्दी
बनवाया: पल्लव वंश के राजा नरसिंहवर्मन ने बनाया था।
विशेषता: समुद्र के किनारे स्थित यह मंदिर ग्रेनाइट पत्थरों से बना है और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज है।
भीमबेटका गुफाएँ
इतिहास: लगभग 30,000 साल पुरानी है।
विशेषता: यह गुफाएँ प्रागैतिहासिक काल की चित्रकारी और मानव सभ्यता की शुरुआत की झलक देती हैं।
कैलाशनाथ मंदिर
निर्माण: 8वीं शताब्दी
राष्ट्रकूट राजा कृष्ण ने बनवाया था ।
एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया मंदिर — दुनिया में अपनी तरह का अकेला उदाहरण।
कोणार्क सूर्य मंदिर
निर्माण: 13वीं शताब्दी
गंग वंश के राजा नरसिंहदेव ने बनवाया था।
यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है और इसका आकार रथ जैसा है।
कुटुब मीनार
निर्माण: 1192 ई.
कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था । लाल बलुआ पत्थर से बनी यह मीनार 73मीटर ऊँची है और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है
अजन्ता गुफाएँ
इतिहास: दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से छठी शताब्दी तक
विशेषता: इन गुफाओं में बौद्ध धर्म की कहानियाँ चित्रों और मूर्तियों के रूप में उकेरी गई हैं। यह प्राथमिक
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