7 Facts About Flamingo: फ्लेमिंगो से जुड़ी 7 बातें जिसको सुनकर रह जाएंगे आप चकित
अगर बात खूबसूरत पक्षियों की हो तो फ्लेमिंगो एक अधिक खूबसूरत और अट्रैक्टिव पक्षी है जिसकी जो गुलाबी रंग का होता है आमतौर पर लोग इनके रंग से ही इन्हें पहचानते हैं लेकिन उनके जीवन में काफी ऐसी अनजानी बातें हैं। जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं यह पक्षी न सिर्फ देखने में खास होते हैं बल्कि इनका बिहेवियर लाइफस्टाइल और भी अनोखा होता है।
जन्म से नहीं होते गुलाबी पंख
फ्लेमिंगो का जन्म ग्रे रंग के पंखों के साथ होता है वह जन्म से गुलाबी नहीं होते लेकिन उनका गुलाबी रंग धीरे-धीरे उनके खाने की वजह से होता है वह जल में पाई जाने वाली लाल और नारंगी रंग की शैवाल और झींगा जैसे जीव खाते हैं।
फ्लेमिंगो की चोंच उल्टी काम करती है
फ्लेमिंगो एक अनोखा पक्षी है फ्लेमिंगो की चोंच उससे भी ज्यादा अनोखी होती है क्योंकि यह उलटी दिशा में काम करती है जब वह खाना खाते हैं तो अपना सर पानी में उल्टा कर लेते हैं और खास फिल्टर जैसी चोंच से छोटे जीव छान लेते हैं।
कठिन जगहों पर रह सकते हैं
फ्लेमिंगो ऐसी जगह पर रह सकते हैं जहां पानी बहुत ही खारा और खतरनाक होता है जो जगह आम जानवरों के लिए जहरीली होती है लेकिन फ्लेमिंगो का शरीर इस वातावरण में जीने के लिए अनुकूल होता है।
जीवन काल होता है लंबा
फ्लेमिंगो का जीवनकाल बाकी पक्षियों की तुलना में काफी ज्यादा लंबा होता है जंगल में फ्लेमिंगो 40 साल तक जीवित रह सकते हैं जबकि चिड़ियाघर में वह 50 साल तक भी जी सकते हैं।
कई प्रजातियों में पाए जाते हैं फ्लेमिंगो
दुनियाभर में फ्लेमिंगो कई तरह की प्रजातियां में पाए जाते हैं। कुछ अफ्रीका में कुछ दक्षिण अमेरिका में कुछ यूरोप में और एशिया के कुछ अलग-अलग हिस्सों में मिलती है हर प्रजाति का आकार रंग और व्यवहार अलग होता है।
नाचना होता है पसंद
फ्लेमिंगो अपने लाइफ पार्टनर को अट्रैक्ट करने के लिए ग्रुप में डांस करते हैं वह एक साथ सिर हिलाते हैं पंख फेलाते हैं और कदम से कदम मिलाते है। यह डांस कई घंटे तक चलता है इसका मकसद होता है सबसे अच्छा साथी चुनना।
एक टांग पर खड़े होकर सो सकते हैं
फ्लैमिंगो एक टांग पर आराम कर सकते हैं जिससे कि उनका शरीर गर्म रहता है और एनर्जी बच जाती है साइंटिस्ट का ऐसा मानना है कि एक टांग पर खड़े होने से उनकी मांसपेशियों को कम मेहनत पर करनी पड़ती है।
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.