emotional tears: क्यों आते हैं आंसू? जानिए इमोशंस और रोने के पीछे का विज्ञान
Emotional tears: आंसू तीन प्रकार के होते हैं-बेसल, रिफ्लेक्स और इमोशनल. जहां बेसल आंसू आंखों को नम रखते हैं, वहीं रिफ्लेक्स आंसू धूल या कण से सुरक्षा देते हैं. इमोशनल आंसू सबसे जटिल होते हैं, जो दिमाग के भावनात्मक हिस्सों से जुड़े होते हैं.
इमोशंस और आंसू
हम कब रोते हैं? जब हम उदास, गुस्से में या बेहद खुश होते हैं. लेकिन खास बात यह है कि इमोशंस से जुड़े आंसू सिर्फ इंसानों में ही देखे जाते हैं.
जानवर क्यों नहीं रोते?
कई जानवर आवाज़ निकालकर दर्द या तनाव जताते हैं, लेकिन उनके दिमाग में ऐसा तंत्र नहीं होता जिससे भावनात्मक आंसू निकल सकें.
विज्ञान भी पूरी तरह नहीं समझ पाया
वैज्ञानिक यह जानते हैं कि आंसू क्यों आते हैं, लेकिन इंसानों में इमोशंस से जुड़े आंसू क्यों निकलते हैं, इसका जवाब अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
आंसू किससे बनते हैं?
आंसू पांच चीज़ों से मिलकर बनते हैं-पानी, प्रोटीन, इलेक्ट्रोलाइट्स, लिपिड और कफ. ये सभी आंखों की सुरक्षा और स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाते हैं.
आंसू के तीन प्रकार
वैज्ञानिकों के अनुसार आंसू तीन तरह के होते हैं इसमें बेसल टियर आंखों को नम रखने वाले, रिफ्लेक्स टियर धूल या कण से बचाने वाले और इमोशनल टियर भावनाओं से जुड़े.
रोना सिर्फ दुख नहीं
रोना सिर्फ दुख का संकेत नहीं है. कई बार खुशी, सहानुभूति या प्रकृति की सुंदरता भी हमारी आंखों में आंसू ला सकती है.
रोने से राहत मिलती है?
कुछ लोगों को रोने के बाद राहत मिलती है, लेकिन यह हर बार सच नहीं होता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम क्यों रो रहे हैं और आसपास के लोग कैसे प्रतिक्रिया देते हैं.