Islam Conversion India: क्या सच में बढ़ रही है भारत में इस्लाम छोड़ने वालों की संख्या, जानें क्या कहते हैं आंकड़े?
Islam Conversion India: भारत में धर्म बदलने पर अक्सर राजनीति होती आई है. पॉलिटिकल बहस और पब्लिक में धर्म बदलने को लेकर काफी बहस देखने को मिलती हैं. लेकिन असल में संख्या की जांच शायद ही कभी की जाती है. लेकिन काफी लोगों का मानना है कि हर साल हजारों लोग अपना धर्म बदलते हैं. वहीं इंटरनेशनल रिसर्च रिपोर्ट और राज्य स्तर रिकॉर्ड कुछ और भी कहानी बता रहे हैं, आइए जानते हैं कि भारत में हर साल कितने लोग अपना धर्म इस्लाम छोड़ देते हैं?
भारत में कितने लोग छोड़ते हैं इस्लाम?
रिसर्च के मुताबिक, भारत में मुसलमानों ने धार्मिक बने रहने की संख्या सबसे अधिक है. प्यू रिसर्च सेंटर की 2021 की एक बड़ी रिसर्च के अनुसार, मुस्लिम परिवार में पैदा हुए 97 प्रतिशत लोग खुद को मुस्लिम मानते हैं.
क्या कहती है रिसर्च?
स्टडी में पाया गया कि सर्वे में शामिल केवल 0.3% लोगों ने माना कि वह मुस्लिम परिवार में जन्में थे, लेकिन बाद में उन्होंने दूसरा धर्म और कोई धर्म नहीं अपनाया. हालांकि, यह प्रतिशत काफी कम है. जिससे पता लगता है कि भारत में इस्लाम से धर्म बदलना काफी कम होता है.
मुसलमानों तक की सीमित नहीं
खास बात तो यह है कि स्टडी में पता लगता है कि यह ट्रेंड सिर्फ मुसलमानों तक की सीमित नहीं है.हिंदुओं या फिर दूसरे धर्म को मानने वाले लोग भी कम ही अपना धर्म बदलते हैं.
धर्म बदलने पर ऑफिशल डेटा
कुछ भारतीय राज्य सरकारी गजट के जरिए धर्म बदलने को लेकर ऑफिशल डेटा पब्लिश करते हैं. जब लोग कानूनी तौर पर अपना नाम और धर्म बदलते हैं. यह रिकॉर्ड संभाल कर रखे जाते हैं.
केरल के ऑफिशियल रिकॉर्ड
केरल के ऑफिशियल रिकॉर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में 343 लोगों ने अपना धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म को अपनाया. वहीं 365 लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है. जिससे पता लगता है कि धर्म बदलना दोनों तरफ से हो रहा है.
प्यू रिसर्च सेंटर
प्यू रिसर्च सेंटर और सरकारी गजट जैसे संस्थानों के डेटा के मुताबिक, भारत में अधिकतर लोग उसी धर्म को मानते हैं, जिनमें वह पैदा होते हैं.