दुनिया का टेक ‘पावरहाउस’ बना ये मुस्लिम देश! जानिए टेक्नोलॉजी रैंकिंग में किसकी ‘बादशाहत’?
Muslim Country In Technology: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका का तनाव युद्ध का रूप लेता जा रहा है, वहीं इस बीच एक ऐसी तस्वीर उभर कर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. मुस्लिम देशों की ‘टेक्नोलॉजी पावरहाउस’ बनने की होड़ लगातार जारी है. युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता के बीच ‘ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025’ के आंकड़े बता रहे हैं कि मुस्लिम देश तेल की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ एआई, स्पेस और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर ध्यान देकर भविष्य की नींव रख रहे हैं.
विज्ञान और तकनीक
दुनियाभर में विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी बदलाव आ रहे हैं. इस रेस में मुस्लिम देश अब पीछे नहीं हैं, बल्कि 'ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी विकास के मामले में मुस्लिम देशों की लिस्ट में सबसे ऊपर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) बना हुआ है.
यूएई ने हासिल किया 30वां स्थान
पिछले कुछ सालों से मुस्लिम देशों की पहचान केवल 'ऑयल इकोनॉमी' के रूप में नहीं, बल्कि 'इनोवेशन हब' के तौर पर की जा रही है. इस लिस्ट में यूएई ने 30वां स्थान हासिल किया है. यह रैंकिंग यूएई के इतिहास की अब तक की सबसे शानदार रैंकिंग मानी जा रही है.
संयुक्त अरब अमीरात
संयुक्त अरब अमीरात 'होप प्रोब' मिशन के तहत मंगल ग्रह (Mars) पर पहुंचने वाला पहला अरब देश भी बन चुका है. तकनीक के क्षेत्र में दुबई और अबू धाबी जैसे शहर भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और आईओटी (IoT) में काफी निवेश कर रहे हैं.
स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को
बता दें कि, यहां की सरकार का फिलहाल पूरा ध्यान अपने देश को स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में सबसे उन्नत बनाने पर है. यूएई खुद को तकनीक के लिए ग्लोबल सेंटर बनाने के रुप में तैयार कर रहा है.
दूसरे स्थान पर कौन-सा देश?
दूसरे स्थान पर मलेशिया का नाम आता है. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 में मलेशिया 34वें स्थान पर रहा है. मलेशिया डिजिटल इकोनॉमी और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के मामले में काफी उन्नत है. टेक कंपनियां अब मलेशिया को अपना बड़ा केंद्र बना रही हैं.
कौन-से स्थान पर तुर्की?
तुर्की इस सूची में 43वें स्थान पर है. रक्षा क्षेत्र और ड्रोन तकनीक में तुर्की दुनिया का नेतृत्व कर आगे बढ़ रहा है. ड्रोन और स्वदेशी लड़ाकू विमानों के निर्माण ने तुर्की को टेक क्षेत्र में काफी आगे लाकर खड़ा कर दिया है.
लिस्ट में ईरान भी शामिल
ग्लोबल रैंकिंग में ईरान फिलहाल 70वें नंबर पर है. संघर्ष के बावजूद ईरान ने वैज्ञानिक शोध में अपनी पकड़ मजबूत बनाई हुई है. CRISPR और मॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सभी मुस्लिम देशों में ईरान ने प्रथम स्थान हासिल किया है.