रोजाना 10 मिनट चलने से शरीर में दिखेंगे ये बदलाव, वजन से लेकर ब्लड प्रेसर में भी दिखेगा असर
Walking for diabetes: ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना डायबिटीज में बहुत जरूरी है. सही आहार के साथ-साथ एक्सरसाइज भी इसमें मदद करती है. पैदल चलना एक आसान, सस्ता और सेफ तरीका है जो इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने, वजन कंट्रोल करने और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में सहायक है.
इंसुलिन प्रतिक्रिया में सुधार
पैदल चलना आपके शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया को बढ़ाता है. ये मांसपेशियों को ग्लूकोज का उपयोग बेहतर ढंग से करने में मदद करता है और लंबे समय तक रक्त शर्करा को कंट्रोल रखता है.
भोजन के बाद रक्त शर्करा घटाता है
भोजन के 15-30 मिनट बाद चलने से रक्त शर्करा में अचानक वृद्धि कम होती है. मांसपेशियां ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए खींचती हैं और इंसुलिन की जरूरत घटती है.
वजन कंट्रोल में सहायक
पैदल चलने से शरीर एनर्जी रिलीज करता है, जिससे वजन कंट्रोल रहता है. नियमित चलने से अतिरिक्त कैलोरी को संभालना आसान हो जाता है और मोटापे से जुड़ी डायबिटीज की समस्याएं कम होती हैं.
हृदय स्वास्थ्य में सुधार
चलना हृदय को स्वस्थ रखता है, रक्तचाप कंट्रोल करता है और दिल की बीमारियों का जोखिम कम करता है. ये डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है.
हड्डियों को मजबूत बनाता है
नियमित चलने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हड्डियों का घनत्व बढ़ता है. इससे शारीरिक गतिविधियों में लचीलापन और स्थिरता आती है.
मानसिक स्वास्थ्य बढ़ाता है
चलने से तनाव हार्मोन कम होते हैं और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. ये ब्लड शुगर को अप्रत्यक्ष रूप से कंट्रोल रखने में मदद करता है.
एनर्जी लेवल बढ़ाता है
पैदल चलना शरीर में एनर्जी का लेवल बढ़ाता है, थकान कम करता है और दिनभर एक्टिव रहने में मदद करता है.
आसान और सुलभ व्यायाम
पैदल चलना किसी जिम या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं है. इसे घर के आसपास, ऑफिस ब्रेक में या पार्क में किया जा सकता है.