Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण कहां-कहां देगा दिखाई? क्या भारत में भी दिखेगा इसका असर
Surya Grahan 2026: 17 फरवरी को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण इस बार वलयाकार या कंकड़ाकृति होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका कोई असर नहीं होगा। अंटार्कटिका में यह सूर्य ग्रहण सबसे स्पष्ट रूप में दिखाई देगा, जहां चंद्रमा सूर्य के बीच से गुजरते हुए उसे चमकदार रिंग की तरह घेर लेगा। साउथ अफ्रीका में ग्रहण आंशिक रूप में दिखाई देगा, जहां सूर्य का एक बड़ा हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिपा रहेगा और वलयाकार प्रभाव कुछ हद तक नजर आएगा।
सूर्य ग्रहण का शानदार दृश्य अंटार्कटिका में दिखाई देगा
इस वलयाकार सूर्य ग्रहण का सबसे शानदार दृश्य अंटार्कटिका में दिखाई देगा. चंद्रमा सूर्य के बिल्कुल बीच से गुजरते हुए सूर्य को “रिंग” की तरह घेर लेगा. वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री इस क्षेत्र से ग्रहण की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड करेंगे.
आंशिक रूप से साउथ अफ्रीका में दिखाई देगा
साउथ अफ्रीका में सूर्य ग्रहण आंशिक रूप में दिखाई देगा.सूर्य का एक बड़ा हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिपा रहेगा, लेकिन वलयाकार प्रभाव कुछ हद तक दिखेगा.यहां रहने वाले लोग ग्रहण का दृश्य देख सकते हैं.
जाम्बिया में सूर्य का अधिकांश भाग ढका रहेगा
जाम्बिया में भी सूर्य का अधिकांश भाग चंद्रमा से ढका रहेगा.वलयाकार प्रभाव थोड़ी दूरी से स्पष्ट दिखाई देगा.इस दौरान स्थानीय खगोल विज्ञान संस्थान और विशेषज्ञ इसका लाइव अवलोकन कर सकते हैं.
जिंबाब्वे में भी देगा दिखाई
जिंबाब्वे में यह ग्रहण आंशिक रूप में देखा जा सकेगा.सूर्य का बाहरी चमकदार वलय (ring) आंशिक रूप में नजर आएगा.ग्रहण का समय और दृश्यता स्थानीय समयानुसार अलग-अलग हिस्सों में बदल सकती है.
नामीबिया में सिल्वर रिंग जैसी झलक दिखेगी
नामीबिया में सूर्य का एक बड़ा हिस्सा चंद्रमा से ढका रहेगा.आंशिक ग्रहण का दृश्य साफ दिखाई देगा और फोटो खींचने के लिए अच्छे मौके मिलेंगे. यहां ग्रहण के दौरान सूर्य की “सिल्वर रिंग” जैसी झलक दिखाई दे सकती है।
तंजानिया में ग्रहण आंशिक रूप में दिखाई देगा
तंजानिया में भी ग्रहण का दृश्य आंशिक रूप में दिखाई देगा। सूर्य के बीच का हिस्सा ढक जाने से बाहरी चमकदार रिंग दिखाई देगी.खगोल विज्ञान प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह शानदार मौका होगा.