दिल्ली सरकार की बड़ी पहल, लखपति बिटिया योजना में बेटियों को मिलेंगे 1 लाख रुपये, जानें कैसे करें आवेदन
Lakhpati Bitiya Yojana: देश के अलग-अलग राज्यों की सरकारें महिलाओं और बच्चियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाती हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती प्रदान करना है. इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने ‘लखपति बिटिया योजना’ की घोषणा की है, जिसका मकसद बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है. यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक पहल है.
अलग-अलग चरणों पर दी जाएंगी किस्तें
इस योजना के तहत आर्थिक सहायता एकमुश्त नहीं दी जाएगी, बल्कि बेटी की शिक्षा के अलग-अलग चरणों पर किस्तों में प्रदान की जाएगी. जन्म के समय 11 हजार रुपये जमा किए जाएंगे.
इन बच्चियों को मिलेंगे 5-5 हजार रुपये
पहली, छठी और नौवीं कक्षा में प्रवेश पर 5-5 हजार रुपये दिए जाएंगे. दसवीं पास करने पर प्रोत्साहन राशि और बारहवीं में दाखिले पर भी आर्थिक सहयोग मिलेगा. ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के दौरान 20 हजार रुपये किस्तों में दिए जाएंगे.
उच्च शिक्षा पूरा होने के बाद 1 लाख रुपये
अंततः जब बेटी 21 वर्ष की आयु पूरी कर लेगी या उच्च शिक्षा पूरी कर लेगी, तब लगभग 1 लाख रुपये (ब्याज सहित) सीधे उसके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए जाएंगे.
योजना का लाभ सिर्फ इन परिवारों को मिलेगा
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो कम से कम तीन वर्षों से दिल्ली में निवास कर रहे हों और जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो.
इन चीजों का भी रखा जाएगा ध्यान
बेटी का जन्म दिल्ली में पंजीकृत होना अनिवार्य है तथा माता-पिता या अभिभावक के पास आधार कार्ड और सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए. एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना के तहत पात्र होंगी. यदि निर्धारित शैक्षणिक शर्तें पूरी नहीं की जातीं, तो जमा की गई राशि वापस ली जा सकती है.
इन तारीख से लागू होगी योजना
यह योजना 1 अप्रैल से लागू होगी और इसके लिए जल्द ही एक अलग डिजिटल पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां पात्र परिवार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.
कैसे कर सकते हैं आवेदन?
आवेदन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखना आवश्यक होगा. कुल मिलाकर, यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.