Surya Grahan 2026: क्या सूर्य ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य दे सकते हैं? जानें कारण..!
Surya Grahan 2026: हिंदू धर्म और शास्त्रों में सूर्य को जीवन का आधार माना गया है. प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य देना शुभ और लाभकारी माना जाता है. लेकिन सूर्य ग्रहण के समय कुछ विशेष नियम बताए गए हैं. इस अवधि में नार्मल पूजा-पाठ और सूर्य अर्घ्य वर्जित माने जाते हैं. ग्रहण के समय आत्मशुद्धि, जप और संयम को ज्यादा महत्व दिया गया है.
सूर्य ग्रहण में अर्घ्य न दें
शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को जल अर्पित नहीं करना चाहिए. इस समय सूर्य की पूजा वर्जित मानी जाती है.
ग्रहण का आध्यात्मिक कारण
मान्यता है कि ग्रहण के समय सूर्य राहु के प्रभाव में होता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा और अशुद्धता का प्रभाव बढ़ जाता है.
नियमित पूजा से परहेज करें
ग्रहण काल में सूर्य नमस्कार, अर्घ्य या सामान्य पूजा नहीं करनी चाहिए. ये समय साधना के लिए होता है.
जप और ध्यान करें
इस दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या नाम स्मरण करना श्रेष्ठ माना गया है.
व्रत और संयम रखें
ग्रहण काल में उपवास रखना और सात्विक विचार बनाए रखना आत्मशुद्धि के लिए लाभकारी होता है.
ग्रहण के बाद स्नान करें
ग्रहण समाप्त होने के बाद वस्त्र सहित स्नान करना शुद्धि के लिए आवश्यक बताया गया है.
दान-पुण्य का महत्व
स्नान के बाद अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से ग्रहण दोष शांत होता है.
सही समय पर सूर्य अर्घ्य का लाभ
ग्रहण के अलावा, प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के पात्र से अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.