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Yamini Singh का बड़ा खुलासा, भोजपुरी इंडस्ट्री में ‘हर हीरो की पर्सनल हीरोइन…’, काले सच से उठा पर्दा

Yamini Singh: यामिनी सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के एक जाना-माना नाम ह. एक्ट्रेस अपनी एक्टिंग, गाने और खूबसूरती के कारण हमेशा चर्चा में रहती है. लेकिन यामिनी सिंह सबसे ज्यादा 2022 में चर्चा में आईं, जब उन्होंने भोजपुरी सिनेमा के काले पक्ष को सबके सामने उजागर किया है. एक ऐसा बयान जिसके कारण इंटरनेट पर बड़ा विवाद खड़ा कर दी है. यामिनी सिंह ने बयान दिया था कि ‘भोजपुरी सिनेमा में हर हीरो की एक पर्सनल हीरोइन होती है’. आइए जानते हैं एक्ट्रेस ने यहां और क्या कहा था और पूरा मामला कैसे शुरू हुआ?


By: Mohammad Nematullah | Published: January 22, 2026 6:39:56 PM IST

What did Yamini Singh say - Photo Gallery
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यामिनी सिंह ने क्या कहा? (What did Yamini Singh say?)

'भोजपुरी में आना सपनों को मारने के बराबर है. मैं भोजपुरी इंडस्ट्री में किसी से नही डरती हुं. दरअसल मैं हमेशा सही और गलत के मुद्दे पर रहती हूं. इस इंडस्ट्री में मैं अकेली ऐसी हीरोइन हूं, जिसने कभी किसी बड़े हीरो के साथ काम नहीं किया है. केवल दिनेश लाल यादव निरहुआ के साथ काम किया और यह एक साइड रोल था. मैंने वह एक फिल्म की उसके बाद मैंने लोगों के खिलाफ अपना स्टैंड लेना शुरू कर दिया.'

'The director said- you are not worthy of Bhojpuri' - Photo Gallery
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'डायरेक्टर ने कहा- तुम भोजपुरी के लायक नहीं' ('The director said- you are not worthy of Bhojpuri')

यामिनी सिंह ने कहा कि 'मेरा जन्म पुणे में हुआ और मैं लखनऊ में पली बढ़ी हूं. बाद में मैंने पुणे से ही ग्रेजुएशन की हूं. मेरा बिहार से कोई नाता नहीं है. मैंने इंजीनियरिंग की है और जब मैं पढ़ाई कर रहा था तो मैंने एक मराठी एल्बम किया था और उसी के जरिए मुझे मेरी पहली भोजपुरी फिल्म ऑफर हुई थी. वह बड़े स्टार पवन के अपोजिट थीं और जब मैं मीटिंग के लिए गई तो मैंने देखा कि डायरेक्टर किस तरह से मुझे देख रहे थे.

What did Yamini say again - Photo Gallery
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यामिनी ने फिर क्या कहा? (What did Yamini say again?)

'मुझे भोजपुरी देखने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैं केवल हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्में ही देखता हूं. उस वक्त मुझे ये थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगा. जब मैंने भोजपुरी फिल्में देखीं और अभिनेत्रियों को देखा तो मुझे लगा कि जब मैं इसके लायक नहीं हूं तो यहां कौन लायक है. क्या ऐश्वर्या राय यहां हैं? मैं भोजपुरी में नहीं आना चाहती थी, 3 महीने तक भोजपुरी पर रिसर्च करने के बाद मैंने अरविंद अकेला कल्लू के साथ अपनी पहली फिल्म 'पत्थर के सनम' साइन की.

Every hero has a personal heroine  Yamini Singh - Photo Gallery
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हर नायक की एक निजी नायिका होती है - यामिनी सिंह (Every hero has a personal heroine - Yamini Singh)

जब एक्ट्रेस ने भोजपुरी में एंट्री की तो उन्होंने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, 'मैंने यहां देखा कि भोजपुरी में कई चीजें हैं जो सही नहीं है. आज की तारीख में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री अब भोजपुरी एल्बम इंडस्ट्री बन गई है. फिल्मों का पैसा कम हो रहा है और एल्बम का पैसा बढ़ रहा है. क्योंकि लोग यहां फिल्में नहीं बनाना चाहते थे.

This is how the budget of Bhojpuri films is decided  Yamini Singh - Photo Gallery
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ऐसे तय होता है भोजपुरी फिल्मों का बजट - यामिनी सिंह (This is how the budget of Bhojpuri films is decided - Yamini Singh)

फिल्मों के बजट के बारे में यामिनी सिंह कहती है, 'यहां फिल्मों का बजट हीरो को देखकर तय होता है. अगर हीरो तय हो जाए तो आधा बजट उसे मानकर तैयार किया जाता है और जब हीरोइन आती है तो बाकी 50 फीसदी बजट पूरा हो जाता है. लेकिन जब बात पेमेंट की आती है तो भोजपुरी इंडस्ट्री में हीरोइनों को हीरो के मुकाबले कुछ भी नहीं दिया जाता है.

This is how the budget of Bhojpuri films is decided  Yamini Singh - Photo Gallery
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'भोजपुरी हीरोइनें मुंबई की लोकल ट्रेनों की तरह' ('Bhojpuri heroines are like Mumbai's local trains')

यामिनी ने कहा कि 'जिसका इंडस्ट्री में कोई नहीं है. जैसे कोई मेकर या हीरो बॉयफ्रेंड हो. उनकी जिंदगी बहुत धीमी गति से चल रही है. यानी मेरे जैसा कोई जिसका कोई नहीं हो, इस इंडस्ट्री में रहकर मर्सिडीज खरीदने का सपना नहीं देख सकता. 'यहां तो आलम ये है कि हीरोइनों को ऐसा लगता है मानो वो मुंबई की लोकल ट्रेनें हों. वह हर 6 मिनट में आती रहती है. यहां हर फिल्म में एक नया चेहरा देखने को मिलता है. ऐसा लगता है कि आपने पुराने को इतना सम्मान दे दिया है कि नये की जरूरत पड़ गयी है.