पीएम मोदी का सोमनाथ दौरा, मंदिर की रक्षा करने वाले शहीदों को दी श्रद्धांजलि
PM at Shaurya Yatra and Somnath Mandir: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और ऐतिहासिक ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया. दरअसल, यह आयोजन महमूद गजनवी द्वारा 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जाता है. तो वहीं, इस भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘शौर्य यात्रा’ थी, जिसमें 108 घोड़ों का एक जुलूस निकाला गया. यह उन अनगिनत योद्धाओं और बलिदानियों को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने सदियों से विदेशी आक्रमणकारियों से मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे. यात्रा के बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. पूजा के बाद पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है.
1000 साल का इतिहास
दरअसल, यह कार्यक्रम महमूद गजनवी द्वारा 1026 में सोमनाथ पर किए गए पहले आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ (10-11 जनवरी 2026) को याद करने के लिए आयोजित किया गया. यात्रा के बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की
शौर्य यात्रा का आयोजन
तो वहीं, सोमनाथ मंदिर की रक्षा में बलिदान देने वाले योद्धाओं के सम्मान में एक भव्य 'शौर्य यात्रा' निकाली गई, जिसमें 108 घोड़ों ने हिस्सा लिया था.
योद्धाओं को श्रद्धांजलि
इसके साथ ही पीएम मोदी ने वीर हमीरजी गोहिल और अन्य बहादुर रक्षकों को विशेष रूप से याद किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी अर्पित की.
पारंपरिक स्वागत
हजारों महिलाओं ने पारंपरिक लोक नृत्य और भारी उत्साह के साथ प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया, जो इस उत्सव की भव्यता का केंद्र दर्शाता है.
सभ्यता की दृढ़ता
तो वहीं, दूसरी तरफ यह उत्सव सोमनाथ की उस अटूट भावना का प्रतीक है, जो बार-बार के हमलों के बावजूद भी भारत की सांस्कृतिक को विश्वभर में दर्शाता है.
अविनाशी आत्मा का प्रतीक
पीएम मोदी ने अपने इस यात्रा के दौरान सोमनाथ को भारत की 'अविनाशी आत्मा' और पुनरुद्धार की एक महान गाथा के रूप में बताया है.
पीएम मोदी ने शौर्य सभा को किया संबोधित
इस दौरान पीएम मोदी ने शौर्य सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ को मिटाने वाले हमला करने वालों को मुंह तोड़ जवाब दिया गया है.
"देश में सभी को रहना होगा एकजुट"
इसके अलावा, उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि देश में सभी को एकजुट गोकर रहना होगा. साथ ही आगे कहा कि सोमनाथ को मिटाने वाले देश को मिटाने वाले गजनवी हो या औरंगजेब सभी चले गए लेकिन हम आज भी वहीं है.
"हम सभी को मिलकर रहने की है ज़रूरत"
पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान कहा कि देश को बांटने की साजिश करने वाले अपना खेल कर के चले गए लेकिन कोई सफल नहीं हो पाया है, हमें आगे भी मिलकर रहना होगा.
सोमनाथ के इतिहास पर क्या बोले पीएम?
अपने संबौोधन के दौरान उन्होंने सोमनथा के इतिहास के बार में जिक्र करते हुए कहा कि सोमनाथ का इतिहास जबरदस्त साहस गर्व और गौरव का इतिहास है.