Chetan Sakariya Comeback Story : चेतन सकारिया की कहानी संघर्ष, त्रासदी और दृढ़ संकल्प की असाधारण मिसाल है, जहाँ एक साधारण ऑटो ड्राइवर के बेटे ने गरीबी से लड़ते हुए आईपीएल और भारतीय टीम तक अपनी जगह बनाई. गुजरात के भावनगर जिले के एक छोटे से गाँव से आने वाले चेतन के पिता टेम्पो चलाते थे, और घर में आर्थिक तंगी हमेशा बनी रहती थी.
न क्रिकेट किट, न कोई औपचारिक प्रशिक्षण
बचपन में उनके पास अपना क्रिकेट किट तक नहीं था, यहाँ तक कि खेलने के लिए जूते भी नहीं थे. उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए सौराष्ट्र के वरिष्ठ खिलाड़ी शेल्डन जैक्सन ने उन्हें जरूरी जूते दिलवाए और MRF Pace Foundation तक पहुँचने में मदद की. 16 साल की उम्र तक चेतन को कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं मिला था, वे खुद ही अभ्यास करते रहे और धीरे-धीरे अपनी गेंदबाजी को निखारते गए.
उनके करियर ने तेजी से उड़ान तब भरी जब उन्होंने 2018 में विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के लिए डेब्यू किया तथा अपनी पहली पारी में ही पाँच विकेट हासिल कर सबका ध्यान आकर्षित किया.
आईपीएल 2021 में चमकी किस्मत
इसके बाद 2021 की आईपीएल नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.2 करोड़ रुपये में खरीदा, जिसने न सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारी बल्कि उन्हें राष्ट्रीय पहचान भी दिलाई. उसी वर्ष चेतन ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 और वनडे में भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया और अपनी स्विंग गेंदबाजी से प्रभाव डाला. इसी सफलता के बीच उनकी जिंदगी पर एक के बाद एक गहरी चोटें पड़ीं—आईपीएल के दौरान उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली और उसके कुछ महीनों बाद पिता का COVID-19 से निधन हो गया.
भावनात्मक रूप से बिखर चुके चेतन को टीम ने हिम्मत दी, राजस्थान रॉयल्स ने उनकी जर्सी पर ‘RK’ अक्षर और “Miss You Bro” लिखकर भाई को श्रद्धांजलि दी. चेतन खुद कहते हैं कि यदि क्रिकेट न होता तो शायद वे इस कठिन दौर से बाहर नहीं आ पाते.
एक दुर्घटना और खत्म होने वाला था क्रिकेट करियर
मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं, 2024 में एक गंभीर दुर्घटना में उनके हाथ की नस कट गई और उन्हें लगा कि उनका करियर समाप्त हो जाएगा, लेकिन उन्होंने दर्द, पुनर्वास और महीनों की मेहनत के बाद मैदान पर वापसी की और घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन कर फॉर्म हासिल की. चेतन सकारिया की कहानी केवल विकेटों और मैचों की कहानी नहीं है, बल्कि यह बाधाओं को परास्त करने, टूट कर भी खुद को फिर खड़ा करने और अपने सपनों पर भरोसा न खोने की प्रेरणादायक गाथा है, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक खास और यादगार स्थान दिलाया.
Published by Shubahm Srivastava
January 18, 2026 04:23:44 PM IST

