दुनिया के वो 8 क्रिकेटर कौन हैं? जिन्होंने 2 देशों की तरफ से खेला क्रिकेट
Eoin Morgan: आज हम ऐसे 8 क्रिकेटरों की बात करेंगे जिन्होंने 2-2 देशों की तरफ से खेला है. हमारी इस लिस्ट में इयोन मॉर्गन, केपलर वेसेल्स, बॉयड रैंकिन, क्लेयटन लैम्बर्ट, एड जॉयस, ल्यूक रोंची, गेरेंट जोन्स और डर्क नैनेस जैसे खिलाड़ियों का नाम है.
इयोन मॉर्गन-आयरलैंड और इंग्लैंड (Eoin Morgan-Ireland and England)
इयोन मॉर्गन ने साल 2006 में आयरिश नेशनल टीम के साथ शुरुआत की और स्कॉटलैंड के खिलाफ 99 रन बनाकर शानदार डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने 2009 में इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया और आखिरकार उन्हें 2019 वर्ल्ड कप में जीत दिलाई.
केपलर वेसेल्स-ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका (Kepler Wessels-Australia and South Africa)
केपलर वेसेल्स का जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ था, उन्होंने 1982 में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलना शुरू किया. इसके बाद 1986 में रिटायर हो गए और इसके बाद 1992 में साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम के साथ वापसी की. वह उन कुछ खिलाड़ियों में से भी हैं, जिन्होंने असल में दो अलग-अलग टीमों के लिए वर्ल्ड कप खेला है. 2008 में उन्होंने IPL में चेन्नई सुपर किंग्स को कोचिंग दी.
बॉयड रैंकिन-आयरलैंड और इंग्लैंड (Boyd Rankin-Ireland and England)
बॉयड ने 2007 में आयरलैंड के लिए खेलना शुरू किया. इसके बाद 2013 में इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया और फिर 2016 में आयरलैंड लौट आए. 2007 का वर्ल्ड कप याद है, जब पाकिस्तान 132 रन पर ऑल आउट होने के बाद आयरलैंड से हार गया था? खैर, उस दिन रैंकिन ने 3/32 विकेट लिए थे और पाकिस्तानी बैटिंग लाइन अप को तबाह करने में उनका अहम रोल था.
क्लेयटन लैम्बर्ट-वेस्ट इंडीज और यूएसए (Clayton Lambert-West Indies and USA)
क्लेयटन लैम्बर्ट ने 1991-1998 तक वेस्ट इंडीज के लिए खेला. जब यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका ने 2004 ICC चैंपियंस ट्रॉफी में खेला तो लैम्बर्ट ने अमेरिकियों का प्रतिनिधित्व किया. वह टीम में एक क्रिकेटिंग मैस्कॉट के तौर पर शामिल हुए ताकि US में क्रिकेट को पॉपुलैरिटी मिल सके.
एड जॉयस-आयरलैंड और इंग्लैंड (Ed Joyce-Ireland and England)
रैंकिन की तरह जॉयस ने भी पहले आयरलैंड के लिए खेलना शुरू किया और फिर 2005 में इंग्लैंड चले गए और 2011 में आयरलैंड लौट आए. उन्हें आयरलैंड के अब तक के सबसे अच्छे क्रिकेटरों में से एक माना जाता है. वह उस टीम का भी हिस्सा थे जिसने 2018 में आयरलैंड के पहले टेस्ट मैच में देश का प्रतिनिधित्व किया था. उस मैच के बाद उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी और कोचिंग पर ध्यान देना शुरू कर दिया है.
ल्यूक रोंची-ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड (Luke Ronchi-Australia and New Zealand)
ल्यूक रोंची का जन्म न्यूजीलैंड में हुआ था, लेकिन न्यूजीलैंड जाने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलना शुरू किया. उन्होंने 2013 में न्यूजीलैंड की नेशनल टीम के लिए डेब्यू किया. अपने रिटायरमेंट के बाद से वह कई टीमों को विकेटकीपिंग की कोचिंग दे रहे हैं, जिसमें न्यूजीलैंड की नेशनल टीम भी शामिल है. जिसने 2019 वर्ल्ड कप में हमारा दिल जीत लिया था.
गेरेंट जोन्स-इंग्लैंड और पापुआ न्यू गिनी (Geraint Jones-England and Papua New Guinea)
पापुआ न्यू गिनी में जन्मे गेरेंट जोन्स ने 2004 से 2006 तक इंग्लैंड के लिए खेलना शुरू किया. इस दौरान वह विकेटकीपर के लिए उनकी पहली पसंद थे. 2012 में उन्होंने पापुआ न्यू गिनी के लिए फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना शुरू किया.
डिर्क नैनेस-नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया (Dirk Nannes-Netherlands and Australia)
डच माता-पिता के ऑस्ट्रेलियाई बेटे डर्क नैन्स को अक्सर ऑस्ट्रेलियाई टीम द्वारा नज़रअंदाज़ कर दिया जाता था. इसलिए उन्होंने 2009 में ICC T20 World Cup के लिए नीदरलैंड्स की नेशनल टीम में शामिल होने का फैसला किया. वहां उन्होंने इंग्लैंड सहित कई जानी-मानी टीमों के लिए खतरनाक प्रदर्शन किया. इसलिए नीदरलैंड्स के लिए डेब्यू के सिर्फ 2 महीने बाद ही उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बुला लिया.