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यूपी को मिली नई पहचान, पटना पक्षी विहार दुनिया के नक्शे में हुआ शामिल; 11वां वेटलैंड ‘रामसर साइट’

 
Patna Bird Sanctuary : उत्तर-प्रदेश के एटा का पटना पक्षी विहार अब दुनिया के नक्शे में शामिल हो गया है. पटना पक्षी विहार अब रामसर साइट बन गया है. यह यूपी का 11वां वेटलैंड है. जिसे रामसर साइट के तौर पर पहचान मिली है. इससे उत्तर-प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई पहचान और मजबूती मिली है. फिलहाल पक्षी विहार में अब तक 178 पक्षी प्रजातियां और 252 वनस्पतियों की प्रजातियां मौजूद हैं. 

 


By: Preeti Rajput | Published: January 31, 2026 2:25:12 PM IST

उत्तर-प्रदेश के एटा का पटना पक्षी विहार अब दुनिया के नक्शे में शामिल हो गया है. पटना पक्षी विहार अब रामसर साइट बन गया है. - Photo Gallery
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पटना पक्षी विहार बना रामसर साइट

एटा का पटना पक्षी विहार अब रामसर साइट बन गया है. इसका ऐलान खुद केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने किया है. यह पक्षी विहार उच्च जैव विविधता, 178 पक्षी प्रजातियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. रामसर का दर्जा मिलने के कारण संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा दिया जाएगा.

उत्तर-प्रदेश के एटा का पटना पक्षी विहार अब दुनिया के नक्शे में शामिल हो गया है. पटना पक्षी विहार अब रामसर साइट बन गया है. - Photo Gallery
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पटना पक्षी विहार

पटना पक्षी विहार में मीठे पानी का दलदली क्षेत्र मौजूद है. यहां वन और घास के मैदान भी मौजूद हैं. विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां पर
जैव विविधता देखने को मिलती है.

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पटना पक्षी विहार का महत्व

पटना पक्षी विहार में जलपक्षियों के संरक्षण की लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. इस कारण अंतरराष्ट्रीय संस्था बर्ड लाइफ इंटरनेशनल ने इसे पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र (आइबीए) के रुप में ऐलान कर दिया है.

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कितनी प्रजातियां हैं मौजूद?

यहां 178 पक्षी प्रजातियां और 252 वनस्पतियों की प्रजातियां मौजूद हैं. संवेदनशील प्रजाति मगरमच्छ जैसे बड़े जीवों का आवास भी यहां मौजूद है.

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रामसर साइट बनने के फायदें

पटना पक्षी विहार धार्मिक पर्यटन और प्रकृति पर्यटन के लिए काफी अच्छा केंद्र है. यहां एक प्राचीन शिव मंदिर भी मौजूद है. जो पर्यटकों को काफी आकृषित करता है. जिसके कारण यहां पर्यटन बढ़ने की काफी उम्मीदें हैं.

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पीएम मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट बनने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'खुशी है कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना बर्ड सैंक्चुरी और कच्छ (गुजरात) में छारी-धंध रामसर साइट्स बन गए हैं. वहां की स्थानीय आबादी के साथ-साथ वेटलैंड कंजर्वेशन को लेकर पैशनेट सभी लोगों को बधाई.' उन्होंने कहा कि 'यह पहचान बायोडायवर्सिटी को बचाने और ज़रूरी इकोसिस्टम की रक्षा करने के प्रति हमारी कमिटमेंट को पक्का करती है. उम्मीद है कि ये वेटलैंड्स अनगिनत प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित ठिकाने बने रहेंगे और फलते-फूलते रहेंगे.'

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रोजगार के मिलेंगे अवसर

पटना पक्षी विहार में संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के नए मौके सृजित होंगे. इससे लोगों को रोजगार और पैसा मिलेगा. ईरान के रामसर शहर में 2 फरवरी 1971 को दुनिया भर के वेटलैंड सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए कन्वेंशन हुआ था.