आँखों को मलना आपके लिए हो सकता है खतरनाक, जानिए कुछ खास तरीके जो आपको अंधा होने से बचाएंगे
हम सभी ने कभी-कभी थकान, नींद या खुजली की वजह से आँखें मली होंगी। उस पल में यह हमें आराम जैसा महसूस कराता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार आँखें मलना हमारी आँखों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है? डॉक्टरों के अनुसार, आँखें रगड़ने से कॉर्निया को नुकसान पहुँच सकता है, नजर धुंधली हो सकती है और समय के साथ डार्क सर्कल्स भी बनने लगते हैं। कई बार लोग आदतवश बिना सोचे-समझे ऐसा करते रहते हैं, लेकिन यह छोटी सी आदत भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है। सही समय पर सावधानी बरतना हमारी आँखों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है। आइए जानते हैं, आँखें मलने से होने वाले बड़े नुकसान क्या-क्या हैं।
कॉर्निया को नुकसान
आँखों का सबसे संवेदनशील हिस्सा कॉर्निया होता है। बार-बार आँखें मलने से कॉर्निया की सतह पर खरोंच पड़ सकती है। इससे धीरे-धीरे आँखों की रोशनी कमजोर होने लगती है।
धुंधली नजर की समस्या
आँखें मलने से अस्थायी रूप से धुंधला दिखाई देने लगता है। यह इसलिए होता है क्योंकि कॉर्निया पर दबाव पड़ता है और आँसुओं की परत असंतुलित हो जाती है। कई बार लोग इसे सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होने पर स्थायी धुंधलापन आ सकता है।
डार्क सर्कल्स बढ़ना
आँखों के नीचे की त्वचा बहुत पतली और नाजुक होती है। जब हम आँखें रगड़ते हैं तो उस जगह की नाजुक रक्त नलिकाएँ टूटने लगती हैं। इससे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स बनने लगते हैं।
इन्फेक्शन का खतरा बढ़ना
हमारे हाथ दिनभर धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया से भरे रहते हैं। जब हम इन्हीं हाथों से आँखें रगड़ते हैं तो कीटाणु सीधे आँखों में चले जाते हैं। इससे इंफेक्शन, लालपन और जलन हो सकती है।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों के लिए खतरा
जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, उनके लिए आँखें मलना और भी ज्यादा हानिकारक है। लेंस पर दबाव पड़ने से वह खिसक सकता है या टूट भी सकता है, जिससे कॉर्निया को चोट पहुँच सकती है। अगर लेंस में धूल का कण फँसा हो और आप आँखें रगड़ें तो चोट और भी गहरी हो सकती है।
झुर्रियाँ और समय से पहले बूढ़ापन
आँखें मलने से केवल आँखों की सेहत ही नहीं, बल्कि चेहरे की सुंदरता पर भी असर पड़ता है। बार-बार दबाव डालने से आँखों के आसपास की त्वचा ढीली पड़ने लगती है और झुर्रियाँ जल्दी आने लगती हैं। इससे चेहरा समय से पहले बूढ़ा दिखने लगता है।
Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.