Government Scheme: FD को भूल जाइए! रिटायरमेंट के लिए यह सरकारी योजना बन रही पहली पसंद, फायदे जान रह जाएंगे हैरान
NPS Advantages: बुढ़ापे में आकर हर कोई सोचता है कि अपनी आगे की जिंदगी कैसे बिताएं पैसा कहाँ से आएगा और उसका इंतजाम कैसे करना है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी राहत की खबर देने वाले हैं जिसे पढ़कर आप राहत की सांस लेंगे. आज के समय में सिर्फ़ पैसे बचाने से बेहतर है उसे सही जगह इन्वेस्ट करना. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) सुरक्षित इन्वेस्टमेंट के लिए भरोसेमंद हैं, लेकिन अब उनका रिटर्न महंगाई के मुकाबले कम हो रहा है. अगर आप बिना रिस्क के FD से बेहतर रिटर्न और बुढ़ापे के लिए रेगुलर इनकम चाहते हैं, तो केंद्र सरकार का नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक बेहतरीन ऑप्शन है. चलिए जान लेते हैं ये कितना फायदेमंद साबित होता है और ये काम कैसे करता है?
जानें क्या है NPS
जानकारी के मुताबिक, NPS एक सरकारी वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम है. बता दें कि इसमें जमा किए गए फंड को सरकारी सिक्योरिटीज़, कॉर्पोरेट बॉन्ड और इक्विटीज़ (स्टॉक मार्केट) के एक्सपर्ट इन्वेस्ट करते हैं.
जानें क्या है इसका मकसद
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसका मुख्य मकसद इन्वेस्टर्स को रिटायरमेंट पर एक बड़ी रकम देना है, जिसके बाद उन्हें ज़िंदगी भर पेंशन मिलती रहती है. जो उनके लिए काफी लाभदायक साबित होती है.
क्या FD से ज्यादा फायदेमंद है ये स्कीम
क्या आप जानते हैं कि FD पर इंटरेस्ट रेट काफी कम होता है, जबकि NPS ने पहले 8% से 12% का सालाना रिटर्न दिया है.
50 हजार की मिलती है छूट
NPS में इन्वेस्ट करने पर आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C और 80CCD (1B) के तहत ₹50,000 की एक्स्ट्रा टैक्स छूट मिलती है. लंबे समय के इन्वेस्टमेंट में "इंटरेस्ट पर इंटरेस्ट" का बड़ा फ़ायदा मिलता है, जिससे फंड तेज़ी से बढ़ता है.
रिटायरमेंट पर होता है बड़ा फायदा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 60 साल की उम्र होने पर, इन्वेस्टर्स एक बार में अपने कुल फंड का 60% निकाल सकते हैं, जो पूरी तरह से टैक्स-फ़्री है. बाकी 40% का इस्तेमाल एन्युइटी खरीदने में किया जाता है, जिससे इन्वेस्टर को एक फिक्स्ड मंथली पेंशन मिलती है.
कितनी उम्र तक रह सकती है स्कीम
इस सरकारी स्कीम की खास बात तो ये है कि इन्वेस्टर चाहें तो इस अकाउंट को 75 साल की उम्र तक जारी रख सकते हैं.
बुढ़ापे में सहारा
सरकार द्वारा जारी इस स्कीम के कारण बुजुर्ग लोगों को बड़ा फायदा हो सकता है. या यूँ कहें कि ये स्कीम बुढ़ापे का सहारा होगी.