New Year 2026: जश्न में छलके जाम, दिल्ली से यूपी तक रिकॉर्डतोड़ शराब बिक्री; जानें बिक्री के मामले में कौन-सा राज्य रहा टॉप पर?
New Year Eve Liquor Sales: भारत में नए साल 2026 की शुरुआत केवल आतिशबाजी, पार्टियों और काउंटडाउन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरान कई राज्यों में शराब की रिकॉर्डतोड़ बिक्री भी देखने को मिली. अलग-अलग राज्यों से सामने आए आंकड़े यह दिखाते हैं कि नए साल के जश्न में शराब की खपत ने पुराने सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए. खास बात यह रही कि इस बार केवल दिल्ली या पंजाब ही नहीं, बल्कि दक्षिणी राज्य और उत्तर प्रदेश भी बिक्री के मामले में सबसे आगे रहे.
नए साल के दौरान शराब बिक्री के मामले में तेलंगाना टॉप पर
नए साल 2026 के दौरान तेलंगाना शराब बिक्री के मामले में सबसे ऊपर रहा. सिर्फ 30 और 31 दिसंबर को राज्य में 800 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बेची गई. अकेले 31 दिसंबर यानी नए साल की शाम को ही करीब 401 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है. हैदराबाद जैसे बड़े शहरों की नाइटलाइफ और पार्टियों ने इस आंकड़े को ऊंचाई तक पहुंचाया.
उत्तर प्रदेश में भी जमकर हुई शराब की बिक्री
उत्तर प्रदेश भी इस मामले में पीछे नहीं रहा. नए साल के जश्न के दौरान राज्य में करीब 600 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई. सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री में लगभग 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कुछ जिलों में तो हालात ऐसे रहे कि एक ही दिन में 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब बिक गई, जो प्रदेश में बदलते ट्रेंड को दर्शाता है.
कर्नाटक में 308 करोड़ रुपये की शराब बिक्री
कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु की नाइटलाइफ के चलते, नए साल की शाम को करीब 308 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की गई. 28 दिसंबर को यह आंकड़ा 409 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. इस दौरान राज्य में 4.83 लाख केस भारतीय निर्मित शराब और 2.92 लाख केस बीयर की खपत हुई.
आंध्र प्रदेश में हुई इतने करोड़ की बिक्री
आंध्र प्रदेश में नए साल के दौरान लगभग 300 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई. हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम रहा, फिर भी यह काफी बड़ा माना जा रहा है. अकेले विशाखापट्टनम से ही 11 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला.
राजधानी दिल्ली में 400 करोड़ रुपये की शराब बिक्री
वहीं दिल्ली में होटल पार्टियों, क्लबों और प्राइवेट इवेंट्स के कारण करीब 400 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई. हालांकि दिल्ली को अक्सर शराब खपत के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तेलंगाना और उत्तर प्रदेश ने उसे पीछे छोड़ दिया.
कई राज्यों में तेजी से बढ़ी शराब की बिक्री
नए साल 2026 के आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि शराब की खपत अब केवल पारंपरिक राज्यों तक सीमित नहीं है. शहरीकरण, नाइटलाइफ और जश्न के बदलते अंदाज के साथ कई राज्यों में शराब की बिक्री तेजी से बढ़ी है.