Mangalsutra: नॉर्थ से साउथ इंडिया तक मंगलसूत्र के डिज़ाइन बताते हैं आपकी परंपरा!
Mangalsutra: भारत में मंगलसूत्र के डिजाइन हर क्षेत्र के अनुसार बदल जाते हैं. जानते हैं इनके प्रकार और हर मंगलसूत्र का अलग मतलब और उनकी परंपरा से जुड़ा रहस्य.
Mangalsutra
हिंदू धर्म में मंगलसूत्र का विशेष महत्व बताया है. शादी के बाद विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनती हैं. मंगलसूत्र एक विवाहित स्त्री का निशानी है. समय-समय पर डिजाइन और फैशन के अनुसार मंगलसूत्र का पार्टन बदल रहा है. साथ ही अगर हम अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो हर जगह इसके प्रकार में आधुनिक चीजें देखते को मिलती हैं.
Mangalsutra
आमतौर पर मंगलसूत्र सोने से बने होते हैं, जो समृद्धि और सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करते हैं. मंगलसूत्र में काले मोती बुरी नजर से बताचे हैं और सोना समृद्धि का प्रतीक है. बदलते समय के साथ लोगों ने मंगलसूत्र को हाथ में पहनना भी शुरू कर दिया है.
Mangalsutra
उत्तर भारत में मंगलसूत्र आमतौर पर काले मोतियों की चेन के साथ एक सोने का पेंडेंटहोता है, जो सरल से लेकर किसी भी बड़े डिजाइन का हो सकता है. इसमें सोना, हीरा कोई भई रत्न जुड़े हो सकते हैं. उत्तर भारत में काले मोती और सोनी की चेन में आकर्षक तरह-तरह के पेंडेंट होते हैं.
Maharashtra Mangalsutra
महाराष्ट्रीयन मंगलसूत्र में काले और सोने के मोतियों का क्लासिक डिज़ाइन होता है. महाराष्ट्र में इस प्रकार के मंगलसूत्र पहने जाते हैं. साथ ही यहां पर ट्रेडिशनल चंद्रकोर मंगलसूत्र भई यहां का फेमस है, ये डिजाइन मराठी महिलाओं के गले में नजर आता है.
Telugu Mangalsutra
तेलुगु मंगलसूत्र (पुस्टेलु/ बोट्टू) कहा जाता है इसमें पीले धागे पर बंधी दो सोने की डिस्क होती हैं, जो परिवारों के मिलन का प्रतीक हैं.
Tamil Mangalsutra
वहीं तमिल लोग मंगलसूत्र देवी-देवताओं (जैसे मीनाक्षी) या शिव के प्रतीक वाले डिज़ाइन वाला पहनते हैं.