केचप की बोतल में स्वाद कम, नुकसान ज़्यादा! सेहत से खिलवाड़ क्यों?
अक्सर हम टमाटर सॉस को एक आम और बेगुनाह चटनी समझकर इस्तेमाल करते हैं—फ्रेंच फ्राइज, बर्गर या समोसे के साथ। पर क्या आपने कभी इसके अंदर झाँक कर देखा है? बाजार में मिलने वाली ज्यादातर केचप में जरूरत से ज़्यादा चीनी, नमक और प्रिज़रवेटिव्स होते हैं, जो आपकी सेहत को चुपचाप नुकसान पहुँचा सकते हैं। रोज़ाना इसका सेवन आपकी पाचन शक्ति, वज़न और ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है। इस गैलरी में हम आपको बताएंगे कि कैसे ये लाल रंग की मीठी चटनी आपके स्वास्थ्य के लिए एक छुपा खतरा बन सकती है।
हर चम्मच में मिठास का जाल
बाजार में मिलने वाले टमाटर सॉस में एक चम्मच में ही कई बार एक कुकी से ज़्यादा चीनी होती है। ये छुपी हुई मिठास आपकी भूख को बढ़ाती है और वज़न को भी। रोज़ इसका सेवन ब्लड शुगर को असंतुलित कर सकता है। अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल चाहते हैं, तो ऐसे मीठे जाल से दूरी बनाना ज़रूरी है।
स्वाद बढ़ाने वाले केमिकल्स का खेल
असली टमाटर का स्वाद कम और केमिकल्स का तड़का ज़्यादा! केचप में अक्सर फ्लेवर बढ़ाने वाले एडिटिव्स, प्रिज़रवेटिव्स और कलरिंग एजेंट्स मिलाए जाते हैं, जो आपके पेट और लीवर पर असर डाल सकते हैं। ये नुकसान धीरे-धीरे होता है, लेकिन असर बड़ा होता है। प्राकृतिक चीज़ें हमेशा बेहतर होती हैं।
टमाटर के नाम पर सिर्फ रंग
बाजारू केचप में जो 'टमाटर' लिखा होता है, वो दरअसल टमाटर प्यूरी या कंसन्ट्रेट होता है जिसे बार-बार प्रोसेस किया जाता है। इससे इसके पोषक तत्व जैसे विटामिन C और लाइकोपीन लगभग खत्म हो जाते हैं। यानी आपको स्वाद तो मिलता है, पर पोषण नहीं। असली टमाटर का इस्तेमाल कहीं बेहतर है।
पाचन और वजन पर असर
केचप में मौजूद हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप और सोडियम आपके शरीर के मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि खाना धीरे-धीरे पचता है, जिससे सुस्ती, पेट फूला रहना और वजन बढ़ना शुरू हो सकता है। पाचन ठीक रखने के लिए ऐसे प्रोसेस्ड फूड से दूरी जरूरी है।
अब से हेल्दी केचप अपनाएं
अगर आपको केचप पसंद है, तो इसे घर पर बनाना बेहतर विकल्प है। पके हुए टमाटर, थोड़ा सा सिरका, देसी मसाले और गुड़ से आप स्वादिष्ट और सेहतमंद केचप बना सकते हैं। इसमें न तो केमिकल होंगे, न ज्यादा चीनी। खुद का बना हुआ केचप सेहतमंद भी होगा और स्वादिष्ट भी।
Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.