1 घंटा 55 मिनट की इस फिल्म ने OTT की दुनिया में मचाया तहलका, हर सीन में मिलेगा सस्पेंस और रोमांच का ऐसा डोज कि आप अपनी सीट से उठ नहीं पाएंगे
ओटीटी पर आजकल कुछ न कुछ नया आता रहता है लेकिन आज हम बात करेंगे एक ऐसी फिल्म की जिसनें सबको झकझोर कर रख दिया है,इस फिल्म का नाम है, तेहरान (Tehran)” यह एक थ्रिलर और सस्पेंस से भरपूर फिल्म है, जो राजधानी दिल्ली में हुए बम धमाके और इसके पीछे की राजनीतिक साजिशों की कहानी को दर्शाती है। फिल्म 2012 में दिल्ली के इजराइली दूतावास के पास हुए बम धमाके के सच्ची घटना पर आधारित है, फिल्म की कहानी रोमांच और सस्पेंस से भरपूर है, जो दर्शकों को शुरू से लेकर अंत तक अपनी सीट से बांधे रखती है।
तेहरान (Tehran) फिल्म की कहानी
तेहरान (Tehran) फिल्म की कहानी 2012 में दिल्ली के इजराइली दूतावास के पास हुए बम धमाके से शुरू होती है। इस धमाके ने न केवल राजधानी को दहला दिया बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया।
पुलिस ऑफिसर की कहानी
तेहरान (Tehran) फिल्म में एक दिल्ली पुलिस ऑफिसर की कहानी को दिखाया गया है जो इस हमले की सच्चाई जानने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
टीम वर्क
फिल्म में दिखाया गया है कि ऑफिसर अकेला नहीं है, उसके साथ कुछ और पुलिस अधिकारी भी हैं जो उसके मिशन में मदद करते
विदेशों में मिशन
अपने मिशन को पूरा करने के लिए पुलिस ऑफिसर दूसरे देश जाता है। तेहरान (Tehran) फिल्म का यह हिस्सा दर्शकों को ग्लोबल थ्रिलर का अनुभव देता है और कहानी को रोमांचक बनाता है।
राजनीतिक षड्यंत्र
विदेश में पुलिस ऑफिसर को राजनीतिक षड्यंत्र और धोखे का सामना करना पड़ता है। फिल्म में इसे बारीकी से दिखाया गया है कि कैसे शक्तिशाली और राजनीतिक एजेंट मिलकर उसे फंसा देते हैं। यह हिस्सा कहानी में ट्विस्ट और सस्पेंस पैदा करता है, जिससे दर्शक अंत तक बंधे रहते हैं।
जॉन अब्राहम का रोल
जॉन अब्राहम ने तेहरान (Tehran) फिल्म में अपने किरदार में साहस, धैर्य और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण पेश किया है। उनके अभिनय ने कहानी को जीवंत बनाया और दर्शकों को मुख्य किरदार के साथ जोड़ दिया। उनका प्रदर्शन फिल्म का मुख्य आकर्षण है।
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