मुस्लिम देश का काला कानून, पत्नियों को पीटना अब जुर्म नहीं; महिलाओं के लिए घर बना जेल!
Taliban New Law: दुनिया में महिलाओं के अधिकारों के लिए खूब जोर से उठाई जा रही है. ताकी महिलाएं खुलकर अपनी जिंदगी बिना किसी रोक टोक के जी सकें. वहीं एक मुस्लिम देश ने महिलाओं के साथ हिंसा को मान्यता दे दी है.
तालिबान का नया कानून
दरअसल, हाल ही में अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने एक नया कानून पेश किया है. इस कानून के तहत पुरुषों को अपनी पत्नी और बच्चों से मारपीट की इजाजत दे दी है.
अजीब सी कानून की शर्त
इस कानून की सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि अब पति अपनी पत्नी के साथ तब तक मारपीट कर सकता है, जब तक उसकी हड्डी ना टटे या फिर शरीर पर गहरे जख्म ना हों.
सजा का प्रावधान
अगर कोई पुरुष अपनी पत्नी को इतनी बुरी तरह से पीटता है कि उसकी हड्डी टूट जाए, तो भी सजा बेहद कम रखी गई है.ऐसे में स्थिति पराधी को अधिकतम सिर्फ 15 दिन की जेल या फिर मामूली जुर्माने का प्रावधान है.
गवाही पर एक प्रतिबंध
कानून में परिवार के सदस्य अपने ही रिश्तेदारों के खिलाफ अदालत में किसी तरह की कोई गवाही नहीं दे सकते हैं. जिसका सीधा मतलब यह है कि घर के भीतर होने वाली हिंसा के खिलाफ कोई गवाह नहीं होगा.
नए कानून की आलोचना
संयुक्त राष्ट्र (UN) और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे संगठनों ने इस नए कानून की आलोचना की है. उनके मुताबिक, कानून महिलाओं को उनके घरों के भीतर असुरक्षित बना देगा और घरेलू हिंसा को और भी ज्यादा बढ़ावा देगा.
महिलाओं के अधिकारों का हनन
तालिबान के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं की शिक्षा और कान करने के अधिकार पहले ही छीन लिए थे.
कानून का विरोध
दुनियाभर में इस नए कानून को लेकर विरोध हो रहा है. कई देशों ने इस कानून को 'मध्यकालीन' और 'अमानवीय' करार दिया है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह के नियमों से अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग पड़ गया है.