Digi Yatra Update: अब बिना ID के विदेश यात्रा भी होगी आसान! ट्रैवल सिस्टम में आने वाला बड़ा बदलाव
Digi Yatra Update 2026: Digi Yatra अब इंटरनेशनल ट्रैवल तक विस्तार की तैयारी में है, जहां इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट से टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. भविष्य में यह ग्लोबल डिजिटल ID बन सकता है. जल्द ही छोटे शहरों के एयरपोर्ट, होटल चेक-इन और इवेंट एंट्री में भी इस्तेमाल होगा, जिससे यात्रा तेज और आसान बनेगी.
Digi Yatra का अगला बड़ा कदम
भारत में एयरपोर्ट एंट्री को आसान बनाने वाली डिजी यात्रा अब एक बड़े विस्तार की ओर बढ़ रही है. अभी तक यह सुविधा केवल घरेलू उड़ानों तक सीमित थी, जहां यात्री बिना फिजिकल ID दिखाए सिर्फ चेहरे की पहचान से एंट्री कर सकते हैं. अब इसे इंटरनेशनल ट्रैवल और एयरपोर्ट के बाहर की सेवाओं तक ले जाने की तैयारी चल रही है.
इंटरनेशनल ट्रैवल में एंट्री
Digi Yatra का अगला फोकस अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर है. इसके तहत बेंगलुरु-दोहा जैसे रूट पर इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट के जरिए टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. इसका मतलब है कि भविष्य में भारतीय यात्री अपनी डिजिटल पहचान का उपयोग विदेश यात्रा के दौरान भी कर सकेंगे.
इमिग्रेशन अभी शामिल नहीं
हालांकि यह सुविधा अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई है. फिलहाल Digi Yatra इमिग्रेशन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, क्योंकि इसके लिए विभिन्न देशों के नियम और मंजूरी आवश्यक हैं. इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे लागू करने में समय लग सकता है.
छोटे शहरों तक विस्तार
अभी Digi Yatra देश के 38 एयरपोर्ट्स पर उपलब्ध है और बड़े शहरों को कवर कर चुका है. अब इसका विस्तार टियर-3 शहरों के एयरपोर्ट तक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके.
आधार के बिना भी रजिस्ट्रेशन
वर्तमान में Digi Yatra में रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड जरूरी होता है. लेकिन अब कंपनी इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट के जरिए ऑनबोर्डिंग की टेस्टिंग कर रही है. इससे वे लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे जिनके पास आधार नहीं है.
ग्लोबल डिजिटल ID का विजन
Digi Yatra का दीर्घकालिक लक्ष्य एक वैश्विक डिजिटल पहचान प्रणाली बनाना है. इसका मतलब है कि भारत में बनाई गई डिजिटल ID भविष्य में अन्य देशों में भी मान्य हो सकती है. हालांकि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी मानकीकरण जरूरी होगा.
एयरपोर्ट के बाहर उपयोग
Digi Yatra को सिर्फ एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रखा जाएगा. भविष्य में इसका इस्तेमाल होटल चेक-इन, इवेंट एंट्री और अन्य डिजिटल सेवाओं में भी किया जा सकता है, जिससे यह एक “वन-स्टॉप डिजिटल ID” बन सके.
यात्रियों को क्या होगा फायदा
इस तकनीक से यात्रियों को लंबी लाइनों से राहत मिलेगी और बार-बार ID दिखाने की जरूरत खत्म होगी. यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी. आने वाले समय में यह सिस्टम इंटरनेशनल ट्रैवल को भी पहले से कहीं ज्यादा आसान बना सकता है.