Chaitra Navratri 2026:नवरात्र में चमकेगा इन राशियों का भाग्य, बरसेगी मां दुर्गा की विशेष कृपा
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है. इस दौरान भक्त पूरे नौ दिनों तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार का चैत्र नवरात्र कुछ राशियों के लिए खास फलदायी साबित हो सकता ह
किन राशियों को मिलेगा देवी दुर्गा का विशेष आशीर्वाद
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है. यह केवल मां दुर्गा की पूजा के नौ दिन नहीं हैं, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से चैत्र नवरात्र इस बार कई राशियों के लिए खुशियों और सफलता का समय लेकर आ रहा है.
मेष राशि: सफलता और आर्थिक उन्नति
मेष राशि के जातकों के लिए यह नवरात्र नई खुशियां लेकर आएगी. लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. सामाजिक और पारिवारिक जीवन में संतुलन बढ़ेगा.
मिथुन राशि: धन और शिक्षा में लाभ
मिथुन राशि वालों के लिए मां दुर्गा का आशीर्वाद धन के नए मार्ग खोलेगा. कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी और पुराने कर्ज से मुक्ति संभव होगी. पढ़ाई कर रहे बच्चों के लिए यह समय सफलता का अवसर लेकर आएगा.
सिंह राशि: पद और प्रतिष्ठा
सिंह राशि के जातकों के लिए यह नवरात्र पद, प्रतिष्ठा और समाज में मान-सम्मान बढ़ाने वाला रहेगा. जो लोग राजनीति के क्षेत्र में हैं, उनके लिए यह नवरात्र किसी वरदान से कम नहीं है.
धनु राशि: भाग्य और यात्रा लाभ
धनु राशि के जातकों को इस नवरात्र में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और यात्राओं से लाभ प्राप्त होगा. वाहन खरीदने का सपना भी इस नवरात्र में पूरा हो सकता है.
चैत्र नवरात्र की तिथि और घटस्थापना
पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि इस बार 19 मार्च सुबह 6:52 पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 मार्च सुबह 4:52 पर होगा. घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक है, यदि कोई पहले मुहूर्त में घटस्थापना नहीं कर पाए.
मां दुर्गा का वाहन
इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी और विदाई हाथी पर होगी. ज्योतिष के अनुसार, पालकी पर मां दुर्गा का आना शुभ नहीं माना जाता है.
कैसे करें कलश स्थापना
नवरात्र में जीवन के सभी भागों और समस्याओं पर नियंत्रण होता है. कलश स्थापना के दौरान जल में सिक्का डालें, कलश पर नारियल रखें, मिट्टी लगाकर जौ बोएं और उसके पास अखंड दीपक जलाएं. इस चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा से न केवल भाग्य और सफलता प्राप्त होगी, बल्कि मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होगा.
डिस्क्लेमर
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