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Raghav Chadha Networth: राघव चड्ढा और परिणीति में कौन हैं ज्यादा अमीर? जानिए AAP सांसद की नेटवर्थ का पूरा ब्योरा

Raghav Chadha Networth: आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ा फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई है. इस फैसले के पीछे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.

By: Ranjana Sharma | Published: April 3, 2026 3:40:20 PM IST



Raghav Chadha Networth: आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने युवा नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया है. उनकी जगह अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. राघव चड्ढा साल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है. वे देश के सबसे युवा सांसदों में गिने जाते हैं और संसद में जनहित के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते रहे हैं. इस फैसले के बाद जहां राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, वहीं राघव और उनकी पत्नी, बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की संपत्ति भी चर्चा में आ गई है.

परिणीति चोपड़ा की नेटवर्थ

परिणीति चोपड़ा बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में शामिल हैं. उनकी कुल नेटवर्थ करीब 74 करोड़ रुपये बताई जाती है. उनकी कमाई फिल्मों, ब्रांड एंडोर्समेंट और सोशल मीडिया से होती है. उनके पास मुंबई के बांद्रा में करीब 22 करोड़ रुपये का लग्जरी घर है. साथ ही उनके पास Audi Q7, Audi Q4 और Range Rover Vogue जैसी महंगी कारें भी हैं.

राघव चड्ढा की संपत्ति कितनी है?

वहीं राघव चड्ढा की नेटवर्थ काफी साधारण है. चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 50 लाख रुपये है. उनके पास दिल्ली में लगभग 36–37 लाख रुपये का घर, करीब 90 ग्राम सोना, कुछ शेयर और बॉन्ड्स में निवेश और एक Maruti Suzuki Swift Dzire कार है. राघव और परिणीति की संपत्ति में बड़ा अंतर उनके करियर की वजह से है. जहां फिल्म इंडस्ट्री में कमाई के बड़े अवसर होते हैं, वहीं राजनीति में आय सीमित और पारदर्शी होती है. अगर दोनों की कुल संपत्ति जोड़ दी जाए तो यह करीब 74.5 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा परिणीति चोपड़ा का है.

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर साफ किया है कि अब राघव चड्ढा को पार्टी की ओर से बोलने का समय न दिया जाए. हालांकि इस फैसले की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि हाल के दिनों में पार्टी के अहम मुद्दों पर उनकी चुप्पी इसकी वजह हो सकती है. बताया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल को अदालत से राहत मिलने के बाद भी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज था.

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