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Bihar Politics 2026: बिहार की सियासत इस वक्त सिर्फ सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि रणनीति के बड़े बदलाव की कहानी बयां कर रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के बीच यह संकेत भी साफ मिल रहे हैं कि उनका फोकस अब पटना से दिल्ली की ओर शिफ्ट हो रहा है. आने वाले 10–12 दिन न सिर्फ बिहार, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बेहद अहम साबित हो सकते हैं.
पटना से दिल्ली तक क्यों बढ़ी हलचल?
सूत्रों के मुताबिक, 6 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच घटनाक्रम इतनी तेजी से आगे बढ़ेगा कि बिहार में नई सरकार का गठन तय माना जा रहा है. पटना से लेकर दिल्ली तक लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिससे साफ है कि यह सिर्फ राज्य स्तर का बदलाव नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक समीकरणों का हिस्सा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल तक नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और 18 अप्रैल से पहले नई सरकार का गठन हो जाएगा. यानी महज 4–5 दिनों के भीतर बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. ऐसे में ये 10–12 दिन बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं.
6 अप्रैल, जेडीयू की अहम बैठक
राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत 6 अप्रैल से मानी जा रही है, जब जनता दल (यू) की राज्य कार्यकारिणी की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हो सकती है. इस बैठक में पार्टी की रणनीति और भविष्य की दिशा पर चर्चा होने की संभावना है.
9 अप्रैल, दिल्ली दौरा और अमित शाह से मुलाकात
9 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे. इसी दिन शाम को उनकी मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से होने की संभावना जताई जा रही है. इस मुलाकात को बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
10 अप्रैल, राज्यसभा शपथ और पीएम मोदी से मुलाकात
10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. इसके बाद उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात भी संभावित है. इस मुलाकात को संभावित सत्ता परिवर्तन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
11 अप्रैल, पटना वापसी और रणनीतिक बैठक
दिल्ली दौरे के बाद 11 अप्रैल को नीतीश कुमार पटना लौटेंगे. यहां वे पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें आगे की राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है.
12–13 अप्रैल, NDA विधायक दल की बैठक
12 और 13 अप्रैल को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधायक दल की बैठक होने की संभावना है. इस बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाई जा सकती है और सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया जाएगा.
14 अप्रैल, इस्तीफा और नई सरकार का रास्ता साफ
सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसके बाद 18 अप्रैल से पहले राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
क्या दिल्ली की राजनीति में बढ़ेगा दखल?
सबसे अहम संकेत यह है कि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं. इसके बाद उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी संभावित है. इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं. माना जा रहा है कि वे दिल्ली से ही बिहार की राजनीति को मॉनिटर करेंगे.