Ankurit aloo ke nuksan: अंकुरित आलू में छिपा है जहर! खाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Ankurit aloo ke nuksan: अंकुरित आलू को अक्सर लोग काटकर इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है. इसमें मौजूद ग्लाइकोएल्कलॉइड नामक टॉक्सिन शरीर में कई समस्याएं पैदा कर सकता है. इस फोटो गैलरी में जानिए अंकुरित आलू से जुड़े जोखिम, लक्षण और बचाव के सही तरीके.
क्या अंकुरित आलू वाकई सुरक्षित है?
अक्सर घरों में रखे-रखे आलू में छोटे-छोटे अंकुर निकल आते हैं और लोग इन्हें काटकर इस्तेमाल कर लेते हैं. लेकिन यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. अंकुरित आलू के अंदर ऐसे टॉक्सिन बनने लगते हैं, जो शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं. इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है.
आलू में छिपे होते हैं प्राकृतिक टॉक्सिन
आलू में प्राकृतिक रूप से ग्लाइकोएल्कलॉइड नाम के रसायन पाए जाते हैं. सामान्य मात्रा में ये शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कुछ मामलों में एंटीबैक्टीरियल गुण भी दिखाते हैं. लेकिन जब इनकी मात्रा बढ़ जाती है, तो ये जहरीले बन जाते हैं और शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं.
अंकुर निकलते ही बढ़ जाता है जहर का स्तर
जैसे ही आलू में अंकुर निकलना शुरू होता है, उसमें मौजूद ग्लाइकोएल्कलॉइड की मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है. यही कारण है कि अंकुरित आलू का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माना जाता है. लंबे समय तक रखे आलू में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है.
ये संकेत बताते हैं कि आलू खराब हो चुका है
अगर आलू का रंग हरा पड़ गया है, उसमें कड़वाहट महसूस हो रही है या उस पर अंकुर निकल आए हैं, तो यह साफ संकेत है कि उसमें टॉक्सिन का स्तर बढ़ चुका है. ऐसे आलू को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है.
खाने के बाद दिख सकते हैं शुरुआती लक्षण
अंकुरित आलू खाने के कुछ घंटों से लेकर एक दिन के भीतर शरीर में इसके दुष्प्रभाव नजर आने लगते हैं. सबसे सामान्य लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और जी मिचलाना शामिल हैं. कई बार लोग इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग समझ लेते हैं.
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी जरूरी
गर्भावस्था के दौरान अंकुरित आलू का सेवन और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है. कुछ रिसर्च के अनुसार, इससे भ्रूण के विकास पर असर पड़ सकता है और जन्मजात विकारों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को इसे पूरी तरह अवॉयड करना चाहिए.
क्या छीलने या पकाने से खत्म हो जाता है जहर?
अंकुर, आंखें और हरे हिस्से हटाने से ग्लाइकोएल्कलॉइड का स्तर कुछ हद तक कम हो सकता है. तलने से भी इसमें थोड़ी कमी आती है, लेकिन उबालने या माइक्रोवेव करने से इसका असर बहुत कम होता है. फिर भी, यह पूरी तरह सुरक्षित हो जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है.
अंकुरित आलू से बचने का सही तरीका क्या है?
सबसे सुरक्षित उपाय यही है कि अगर आलू अंकुरित हो चुका है या हरा पड़ गया है, तो उसे फेंक दें. आलू को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर स्टोर करें और जरूरत के हिसाब से ही खरीदें. सही स्टोरेज से अंकुर निकलने की संभावना कम हो जाती है.