50 साल की उम्र में भी बला की खूबसूरत – फिलर्स या सर्जरी? क्या है ‘बैटल ऑफ गलवान’ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह की खूबसूरती का असली राज
Chitrangada Singh On Cosmic Procedure: चित्रांगदा सिंह, बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस है, सलमान खान के साथ फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने एक्सपीरिएंस और सौंदर्य-संबंधी व्यक्तिगत चुनावों पर खुले तौर पर बातचीत की, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और गलत टिप्पणियों के खिलाफ अपना दृष्टिकोण शेयर किया.
चित्रांगदा सिंह का सलमान खान के साथ अनुभव
50 साल की चित्रांगदा सिंह ने बताया कि बड़े सुपरस्टार सलमान खान के साथ काम करना उनके लिए बहुत ही रोमांचक और चैलेंजिग एक्सपीरिएंस रहा. उन्होंने कहा कि इस तरह के एक्सपीरिएंस से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला.
‘बैटल ऑफ गलवान’ की कहानी
फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जहां 200 भारतीय सैनिकों ने 1,200 चीनी सैनिकों का बहादुरी से सामना किया. चित्रांगदा सिंह इस फिल्म में मेन भूमिका निभाती नजर आएंगी.
फिल्म की रिलीज डेट
आज फिल्म का बैटल ऑफ गलवान का पहला गाना मातृभूमि रिलीज हो गया है, जिसे लोग काफी प्यार भी दे रहे हैं. फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिसमें सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री देखने को मिलेगी.
कॉस्मेटिक सर्जरी पर चित्रांगदा की राय
50 साल की उम्र में भी चित्रांगदा इतनी सुंदर दिखती है. एक्ट्रेस ने हाल ही में कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स को लेकर भी कुछ बाते कही हैं, उन्होने कहा कि यदि कोई कलाकार अपने दिखावे को बेहतर बनाने के लिए कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स कराता है तो इसमें कोई बुराई नहीं है. उनका मानना है कि ये व्यक्तिगत चुनाव है और किसी को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है.
सुंदरता की व्यक्तिगत परिभाषा
उनका कहना है कि सुंदरता व्यक्तिगत और सब्जेक्टिव है. अगर कोई अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए कुछ अतिरिक्त कदम उठाता है, तो ये उनकी पर्सनल च्वाइस है.
आलोचना और चरित्र पर हमला
चित्रांगदा ने आलोचना करने वालों पर नाराजगी जताई कि लोग अक्सर किसी की दिखावट के आधार पर उसके चरित्र पर हमला करते हैं. उन्होंने इसे नकारात्मक और अनावश्यक बताया.
ऑनलाइन ट्रोलिंग
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कई बार आलोचना हद से ज्यादा बढ़ जाती है और ये ट्रोलिंग, धमकाने और क्रूरता में बदल जाती है. इस तरह की टिप्पणियां न केवल अशिष्ट हैं बल्कि बहुत ही दुखद भी होती हैं.