लगातार 5 फ्लॉप फिल्में देने वाला ये शख्स, कैसे बना बॉलीवुड का ‘असली बादशाह’? ₹13,000 करोड़ की है संपत्ति! शाहरुख खान भी हैं इनसे पीछे
बॉलीवुड की अनिश्चितता के बीच रॉनी स्क्रूवाला की कहानी प्रेरणा की एक अनूठी मिसाल है. लगातार पांच फ्लॉप फिल्में देने और ‘कोबरा’ के अंधविश्वास से लेकर हिंदी सिनेमा के सबसे अमीर प्रोड्यूसर बनने तक का उनका सफर, हार न मानने के जज्बे और ‘प्लान B’ के अभाव की एक दिलचस्प दास्तां है.”
अर्श से फर्श तक का सफर
फिल्म इंडस्ट्री की असलियत यह है कि यहाँ किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस नतीजे का अंदाज़ा लगाना नामुमकिन है. यह अनिश्चितता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि फिल्म प्रोफेशनल्स की किस्मत पर भी लागू होती है. जहाँ बड़े-बड़े सुपरस्टार्स भी नाकाम हो सकते हैं, वहीं लगातार फ्लॉप देने वाले भी शिखर पर पहुँच सकते हैं. यहाँ अपनी तकदीर बदलने के लिए बस एक शुक्रवार काफी होता है.
कामयाबी की कहानी
बॉलीवुड में कई कहानियाँ इंडस्ट्री की इस अनिश्चितता को बयां करती हैं, लेकिन RSVP मूवीज़ के प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला का नाम सबसे अलग है. अपने करियर की शुरुआत में लगातार कई फ्लॉप फिल्में देने के बावजूद, आज वे हिंदी सिनेमा के सबसे सफल और अमीर व्यक्तियों में से एक गिने जाते हैं। उनकी कहानी हार न मानने के जज्बे की मिसाल है.
पहली फिल्म
रॉनी ने अपनी शुरुआत को याद करते हुए बताया कि प्रोड्यूसर के तौर पर उनकी पहली फिल्म 'दिल के झरोखे में' (1997) बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी फ्लॉप रही थी. उन्होंने एक मजेदार किस्सा साझा किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान एक कोबरा को दूध पीना था. जब उसने दूध पी लिया, तो डायरेक्टर ने इसे सुपरहिट होने का संकेत बताया. रॉनी कहते हैं, "डायरेक्टर ने कहा था कि बेफिक्र रहें, कोबरा ने दूध पी लिया है तो फिल्म हिट होगी, लेकिन वह मेरी सबसे बड़ी फ्लॉप साबित हुई."
जब लगातार 5 फिल्में फ्लॉप हुईं
शुरुआती असफलता के बाद भी रॉनी ने हार नहीं मानी, जबकि उनके खाते में लगातार पांच फ्लॉप फिल्में दर्ज हो चुकी थीं. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने काम क्यों नहीं बंद किया, तो उनका जवाब सीधा था उनके पास कोई "प्लान B" नहीं था. उनके पिता ने पहले ही कह दिया था कि संकट के समय वे आर्थिक मदद नहीं कर पाएंगे. इसी दबाव और जुनून ने उन्हें मैदान में डटे रहने के लिए प्रेरित किया.
'आउटसाइडर' की तरह सोचना
रॉनी ने महसूस किया कि वे शुरू में 'भीड़' का पीछा कर रहे थे और वह बनने की कोशिश कर रहे थे जो वे नहीं हैं. उन्होंने मास्टर्स यूनियन के एक सेशन में कहा, "मैंने तय किया कि मैं एक आउटसाइडर की तरह ही व्यवहार करूँगा. मुझे अपनी लिमिट समझनी थी और वापस अपने आत्मविश्वास पर लौटना था कि मैं अपने बिजनेस और ब्रांड को कैसे बनाना चाहता हूँ."
स्क्रिप्ट को प्राथमिकता
रॉनी स्क्रूवाला ने 'लक्ष्य', 'स्वदेस' और 'रंग दे बसंती' जैसी फिल्मों को एक साथ हरी झंडी दी थी. उस समय उन्हें नहीं पता था कि कौन सी फिल्म चलेगी. उनका उद्देश्य सिर्फ कास्टिंग के पीछे भागना नहीं, बल्कि स्क्रिप्ट और नई कहानियों को प्राथमिकता देना था. हालाँकि, ऋतिक रोशन की 'लक्ष्य' और शाहरुख खान की 'स्वदेस' उस समय उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर पाई थीं.
वह शुक्रवार जिसने इतिहास बदल दिया
लगातार असफलताओं के बावजूद, रॉनी और उनकी कंपनी UTV ने छोटे प्रोजेक्ट्स (जैसे 'D' और 'मैं, मेरी पत्नी और वो') के जरिए खुद को संभाला. आखिरकार, फिल्म 'रंग दे बसंती' की भारी सफलता ने सब कुछ बदल दिया. इस फिल्म की क्रिटिकल और कमर्शियल कामयाबी ने रॉनी स्क्रूवाला और ज़रीना को इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दिलाई और उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े प्रोड्यूसर्स की कतार में खड़ा कर दिया.
बॉलीवुड के सबसे अमीर व्यक्ति
UTV के अध्याय के बाद, रॉनी ने RSVP मूवीज़ की स्थापना की और तब से उन्होंने कई फिल्में प्रोड्यूस की हैं, जिनमें 'लस्ट स्टोरीज़', 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक', 'रात अकेली है', 'पावा कदाइगल', 'लस्ट स्टोरीज़ 2', 'सैम बहादुर', 'उल्लोझुक्कू' और 'रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स' शामिल हैं. हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 ने रॉनी को 1.5 बिलियन डॉलर (लगभग 13,314 करोड़ रुपये) की कुल संपत्ति के साथ बॉलीवुड का सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया है. इस रैंकिंग में उन्होंने बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान (12,490 करोड़ रुपये) को भी पीछे छोड़ दिया है.