Home Loan Rates 2026: कौन-सा बैंक दे रहा सबसे सस्ता लोन? घर खरीदने वालों के लिए अहम खबर
Home Loan Rates 2026: 8 अप्रैल को Reserve Bank of India की MPC बैठक में रेपो रेट पर फैसला होगा, जिसका असर EMI पर पड़ता है. विशेषज्ञों के मुताबिक दरें स्थिर रह सकती हैं. State Bank of India समेत कई बैंक 7.10% से 10% तक होम लोन दे रहे हैं. कम ब्याज के लिए अच्छा CIBIL स्कोर और स्थिर आय जरूरी है.
RBI बैठक पर सबकी नजर
8 अप्रैल को Reserve Bank of India (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक समाप्त होने वाली है. इस बैठक में देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कई अहम फैसले लिए जाएंगे, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण रेपो रेट पर निर्णय है.
रेपो रेट और EMI का संबंध
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. इसमें बदलाव का सीधा असर आम लोगों के लोन, खासकर होम लोन की EMI पर पड़ता है. अगर रेपो रेट बढ़ता है तो EMI महंगी हो जाती है और घटने पर राहत मिलती है.
क्या बदलेंगे ब्याज दर?
कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार RBI रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन की ब्याज दरें स्थिर रह सकती हैं और EMI में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा.
सबसे सस्ते होम लोन देने वाले बैंक
मौजूदा दरों के अनुसार, कई सरकारी बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर होम लोन दे रहे हैं:
State Bank of India: 7.25% – 8.70%*
Bank of Baroda: 7.20% – 9.25%
Union Bank of India: 7.15% – 9.50%
Punjab National Bank: 7.20% – 9.10%
Bank of India: 7.10% – 10.25%
Canara Bank: 7.15% – 10.00%
UCO Bank: 7.15% – 9.25%
Bank of Maharashtra: 7.10% – 9.90%
Punjab & Sind Bank: 7.30% – 10.70%
(सोर्स- पैसा बाजार)
लोन अमाउंट के अनुसार दरें
होम लोन की ब्याज दरें लोन की राशि के आधार पर बदलती हैं—₹30 लाख तक, ₹30-75 लाख और ₹75 लाख से अधिक के लिए अलग-अलग स्लैब लागू होते हैं. हालांकि कई बैंकों ने सभी स्लैब में लगभग समान दरें रखी हैं.
सस्ता लोन पाने के जरूरी फैक्टर
कम ब्याज दर पर लोन पाने के लिए सबसे जरूरी है अच्छा क्रेडिट स्कोर (CIBIL). उच्च स्कोर से बैंक को भरोसा होता है कि ग्राहक समय पर भुगतान करेगा, जिससे बेहतर ब्याज दर मिल सकती है.
इनकम और स्थिरता का महत्व
क्रेडिट स्कोर के अलावा बैंक आपकी आय, नौकरी की स्थिरता और आय के स्रोत पर भी ध्यान देती है. आपकी सैलरी और वित्तीय स्थिति के आधार पर ही लोन की राशि और शर्तें तय की जाती हैं.