1 अप्रैल से बड़ा बदलाव, अब सिर्फ OTP से नहीं होगा पेमेंट; टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन हुआ अनिवार्य
RBI new digital payment rules: 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल पेमेंट के लिए टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य होगा. अब सिर्फ OTP से ट्रांजैक्शन नहीं होगा, बल्कि PIN, बायोमेट्रिक या टोकन जैसे दो वेरिफिकेशन जरूरी होंगे. RBI का यह कदम साइबर फ्रॉड रोकने के लिए है. 1 अक्टूबर 2026 तक यह नियम इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर भी लागू होगा.
1 अप्रैल से बदलेंगे डिजिटल पेमेंट के नियम
1 अप्रैल 2026 से डिजिटल ट्रांजैक्शन के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब ऑनलाइन पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य किया जा रहा है. इसका मतलब है कि अब सिर्फ OTP के भरोसे ट्रांजैक्शन पूरा नहीं होगा, बल्कि यूजर्स को दो अलग-अलग तरीकों से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी.
RBI का सख्त निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सितंबर 2025 में इस नियम को लागू करने का निर्देश दिया था. बैंकों को 1 अप्रैल 2026 तक इसका पालन करने की डेडलाइन दी गई है. इसके तहत सभी बैंक और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को अपने सिस्टम में बदलाव करना होगा.
अब सिर्फ OTP नहीं होगा काफी
अब तक ज्यादातर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सिर्फ OTP के जरिए पूरे हो जाते थे, लेकिन नए नियम के बाद यह तरीका पर्याप्त नहीं रहेगा. हर ट्रांजैक्शन में कम से कम दो अलग और स्वतंत्र वेरिफिकेशन फैक्टर जरूरी होंगे.
कौन-कौन से होंगे ऑथेंटिकेशन तरीके
नए नियम के तहत यूजर्स को कई विकल्प मिलेंगे. इनमें PIN, बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन), बैंकिंग ऐप में जनरेट होने वाला वर्चुअल टोकन और SMS आधारित OTP शामिल हैं. इनका संयोजन करके ही पेमेंट पूरा होगा.
ऐसे काम करेगा नया सिस्टम
उदाहरण के तौर पर, अब यूजर्स को OTP के साथ PIN डालना पड़ सकता है या फिर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के साथ डिवाइस बाइंडिंग करनी होगी. इसी तरह टोकन आधारित ऑथेंटिकेशन के साथ पासवर्ड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. यानी हर ट्रांजैक्शन के लिए दो स्तर की सुरक्षा जरूरी होगी.
POS और कार्ड पेमेंट में बदलाव
अगर आप किसी दुकान पर कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो अब सिर्फ PIN डालना ही काफी नहीं होगा. POS मशीन पर कार्ड स्वाइप करने के बाद यूजर्स को PIN के साथ OTP भी देना पड़ सकता है. इससे ऑफलाइन पेमेंट भी ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगे.
साइबर ठगी पर लगेगी लगाम
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड को रोकना है. हाल के दिनों में फिशिंग, सिम स्वैप और OTP चोरी जैसे मामलों में तेजी आई है. कई बार ठग OTP हासिल करके लोगों के खाते से पैसे निकाल लेते हैं. 2FA लागू होने से ऐसे मामलों में कमी आने की उम्मीद है.
इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर भी लागू होगा नियम
RBI ने यह भी साफ किया है कि 1 अक्टूबर 2026 तक इंटरनेशनल कार्ड-नॉट-प्रेजेंट ट्रांजैक्शन पर भी यही नियम लागू होंगे. यानी विदेश में होने वाले ऑनलाइन पेमेंट भी इसी दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली के तहत आएंगे. इससे वैश्विक स्तर पर भी ट्रांजैक्शन ज्यादा सुरक्षित होंगे.