Holika Dahan 2026: आखिर क्यों लोग होलिका की धधकती आग घर लाते हैं, क्या है इस अनोखी मान्यता का राज़?
Holika Dahan 2026: होली का त्योहार पूरे देशभर में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है. इस बार होली का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाना है. रंगों की होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन के बाद ही होली का त्योहार शुरु होता है.
अलग-अलग प्रथाएं
लेकिन देश में होलिका दहन को लेकर कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं.इनमें से कई प्रथाएं काफी अजीब हैं. ऐसी ही एक प्रथा बुंदेलखंड में भी सालों से निभाई जा रही है.
घरों में आग लाने की परंपरा
यहां एक अनोखी परंपरा सालों से निभाई जा रही है. यहां होलिका दहन के बाद घरों में आग लाने की परंपरा है.
क्या है मान्यता?
मान्यता के मुताबिक, यह नई अग्नि होती है. धधकती अग्नि को घर पर लाने से परिवार में सुख समृद्धि आती है.
क्यों लेकर आते हैं आग?
लोग होलिका से अग्नि लाकर रात में इस तरह से रखते हैं, वह आग सुबह तक नहीं बुझती है. फिर सुबह चुल्हे में या गुरसी में इसी आग को जलाया जाता है. साथ ही खूब सारे पकवान बनाते हैं.
एक साल तक बुझने नहीं देते आग
सागर के सनोदा गांव के लोगों के मुताबिक, पहले आग जलाने के लिए इतने संसाधन नहीं होते थे, इसलिए होली पर आने वाली अग्नि को 1 साल तक बुझने नहीं दिया जाता था. मान्यता है कि अगर अग्नि जलती रहे तो अग्नि देवता का घर में हमेशा के लिए वास रहता है.
हर साल होली पर नई अग्नि
इसकी वजह से घर से सुख-समृद्धि बनी रहती है. हर साल होली पर नई अग्नि घर में लाई जाती है. अग्नि न बुझे इसलिए उसे चूल्हे की राख में दबा कर रखते थे और भर दिया जाता था. अगले दिन इन्हीं अंगारों से आग जलाते और यह प्रक्रिया निरंतर हर साल इसी तरह से चलती रहती है.
उपले या फिर लकड़ी से लाते हैं आग
जानकारी के मुताबिक, जो व्यक्ति होलिका से अग्नि लेने के लिए जाता है. वह अपने साथ घर से गोबर के उपले या फिर लकड़ी लेकर जाता है. जो वह होलिका में डाल देता है. उसमें से अधजले उपले की आग या धधकते अंगारे अपने साथ घर लेकर आता है.