किसने बनाए पहली बार गुलाब जामुन, मुगल काल से है खास कनेक्शन; जानें किस बादशाह से जुड़ा है इतिहास?
Gulab Jamun History: नरम, चाशनी और स्वादिष्ट गुलाब जामुन भारत की सबसे फेवरेट मिठाइयों में से एक है. लेकिन इस स्वादिष्ट मिठाई के पीछे एक काफी दिलचस्प कहानी है. यह कहानी मुगल काल से जुड़ी हुई है. कई लोगों का मानना है कि यह मशहूर मिठाई शाहजहां की शाही रसोई में गलती से बन गई थी.
गुलाब जामुन का आविष्कार
गुलाब जामुन के आविष्कार को मुगल रसोई में हुई गलती से जोड़ा जाता है. दरअसल, बचा हुआ मावा खराब होने वाला था. इसके बाद शाही रसोइए ने उसे तलकर चाशनी में डाल दिया. जिसके बाद ऐसा व्यंजन बना, जिसे शाही परिवार ने खूब पसंद किया.
किस बादशाह से है कनेक्शन?
गुलाब जामुन बादशाह शाहजहां के शासनकाल से जुड़ा हुआ है. मुगल रसोई अलग-अलग तरीकों से खाना बनाने के लिए मशहूर थे.
मिडल ईस्ट की मिठाई
गुलाब जामुन अचानक से नहीं बनाया गया था. यह मिडल ईस्ट की मिठाई लुक्मत अल कादी और तुलुम्बा से प्रेरित होकर बनाई गई थी. ये मिठाई पहले से ही काफी मशहूर थीं, लेकिन भारतीय रसोइयों ने यहां के स्थानीय स्वाद और सामग्री के हिसाब से बदला गया.
मावा या फिर खोया का इस्तेमाल
बता दें कि, मिडिल ईस्ट की उन मिठाई आटे के घोल से तैयार की जाती हैं. गुलाब जामुन में मावा या फिर खोए का इस्तेमाल किया जाता है. जिसके कारण यह काफी नरम और स्वादिष्ट बनता है. इसी प्रयोग से गुलाब जामुन अस्तित्व में आए.
कैसे रखा गया इसका नाम?
गुलाब फारसी शब्द से आया है, जिसका मतलब गुलाब जल है. जल इसकी चाशनी की तरफ इशारा करता है. इसी के साथ जामुन उस फल से प्रेरित है, जिसके आकार और रंग इसी की तरह होता है.
शाही रसोई की शान
यह मिठाई कभी शाही रसोई की शान हुआ करती थी. वह अब भारत के हर त्योहार और शादी का अहम हिस्सा बन गई है.