Divorce in Jews: तलाक के बाद भी पति से बंधी रहती है पत्नी, बच्चा करने की भी इजाजत नहीं, जानें यहूदियों की अजीबो गरीब प्रथा
Woman Law in Jews: शादी का बंधन बेहद खास और पवित्र माना जाता है. लेकिंन पति-पत्नी के बीच हुई अनबन कई बार ये रिश्ता खत्म कर देती है जिसे अक्सर हम तलाक के तौर पर जानते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे धर्म के बारे में बताने वाले हैं कि जिनमे तलाक तो होता है लेकिन तलाक होने के बाद भी महिलायें आजाद नहीं होती. साथ ही हम आपको रिफ्का मेयर के बारे में भी बताएंगे जो इस दर्द से गुजरी हैं. दरअसल, रिफ्का मेयर 32 साल की थीं जब उन्होंने रीति-रिवाज से शादी की. लेकिन, शादी के दो साल बाद, उन्हें लगा कि वो अपने कंज़र्वेटिव यहूदी पति के चंगुल में फंस गई हैं. वो एक ऐसे आदमी के साथ शादी में फंस गई थीं जिसने कई सालों तक उन्हें तलाक देने से मना कर दिया था.
रिफ्का ने बयां किया दर्द
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में रिफ्का ने कहा, "इस स्थिति में इंसान बहुत निराश और अकेला महसूस करता है. ऐसा लगता है जैसे आप ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहे हों, लेकिन कोई आपकी बात सुनने वाला नहीं है."
तलाक लेने में लगे 10 साल
क्रॉस-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप के सदस्य जोनाथन मेंडेलसन ने मीडिया को जानकारी दी कि महिला को धार्मिक तलाक लेने में लगभग 10 साल लग गए. उन्होंने आगे कहा कि पूरे ब्रिटेन में 100 से ज़्यादा महिलाएं कंज़र्वेटिव यहूदियों के साथ धार्मिक शादियों में फंसी हुई हैं. "मैंने यहूदी समुदाय में ऐसे दर्जनों मामले देखे हैं."
पति से लेना होता डॉक्यूमेंट
यहूदी कानून के मुताबिक, तलाक चाहने वाली पत्नी को अपने पति से "गेट" नाम का एक डॉक्यूमेंट लेना होता है. इसके बिना, अगर महिला कानूनी तौर पर तलाकशुदा भी हो जाती है, तो भी वो उससे शादीशुदा रहती है. इस धार्मिक शादी में फंसी औरतों को "अगुनोट" या "चेन वाइव्स" कहा जाता है.
पति की तब भी चलती थी मर्जी
रिफ़्का ने अपनी दुखभरी कहानी बताई और कहा कि कैसे वो चाहकर भी दूसरे पार्टनर से बात नहीं कर सकती थी. इस दौरान उसने कहा, "तुम इसमें फंस गई हो. तुम किसी से मिल नहीं सकती, किसी को डेट नहीं कर सकती, या आगे नहीं बढ़ सकती. और मैं यहां से बाहर नहीं निकल सकती."
महिलाओं को रिफ्का की नसीहत
उसने आगे कहा, "तुम मदद के लिए किसी से बात नहीं कर सकती या सपोर्ट नहीं पा सकती. तुम बहुत ज़्यादा बेचैन और अकेला महसूस करती हो. यह एक बहुत अकेला सफ़र है, जिससे तुम्हें अकेले ही गुज़रना पड़ता है."
कैसे हुई इस बंधन से आजाद
खुशकिस्मती से, रिफ़्का इस बंधन से आज़ाद हो गई है और उसे पिछले साल ही अपना "गेट" मिला है. वह लंदन में रहती है और "गेट" नाम का एक ऑर्गनाइज़ेशन चलाती है जो औरतों को ऐसी सिचुएशन से निकलने में मदद करता है.
अगर "गेट" नहीं मिले तो..
अगर पति पत्नी को "गेट" नहीं दे, तो औरत को दूसरी शादी करने से मना कर दिया जाता है. इसे प्रैक्टिकल नहीं माना जाता. उसे किसी दूसरे आदमी से बच्चा पैदा करने की भी इजाज़त नहीं है.
बच्चा पैदा करने की भी इजाजत नहीं
अगर कोई महिला ऐसा करती है, तो उसके पेट से पैदा होने वाले बच्चे को "मेम्ज़र" या एक अनोखा बच्चा माना जाता है. अगर किसी पुरुष पर "गेट" पाने के लिए दबाव डाला जाता है, तो यहूदी कोर्ट, जिसे "बेथ दीन" कहा जाता है, ऐसे तलाक को कानूनी मान्यता देता है.