‘देखो मेरी दिल्ली’ ई-बस लॉन्च; राजधानी को मिला डबल डेकर टूरिज्म बूस्ट; यहां जानें किराया और रूट
Delhi Dekho Bus Service: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रफी मार्ग से दिल्ली पर्यटन की अत्याधुनिक डबल डेकर इलेक्ट्रिक टूरिस्ट बस सेवा ‘देखो मेरी दिल्ली’ को हरी झंडी दिखाकर इसकी औपचारिक शुरुआत की. इस अवसर पर पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित रहे और दोनों ने संयुक्त रूप से बस का अनावरण किया. कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मीडिया प्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं इस बस में सवार होकर रफी मार्ग से इंडिया गेट, अकबर रोड और तीन मूर्ति मार्ग होते हुए प्रधानमंत्री संग्रहालय तक गए, ताकि इस नई सेवा का प्रत्यक्ष अनुभव लिया जा सके.
आधुनिकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने इस पहल को सरकार की दूरदर्शी नीति और सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी मॉडल) का सफल उदाहरण बताया. उनके अनुसार, यह बस सेवा दिल्ली को एक आधुनिक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि दिल्ली आज अपनी समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ भारत मंडपम, यशोभूमि, नया संसद भवन, सेंट्रल विस्टा और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे आधुनिक प्रतिष्ठानों के कारण वैश्विक पहचान बना रही है. यह नई बस सेवा पर्यटकों को एक ही यात्रा में दिल्ली की विरासत और आधुनिक विकास का समग्र अनुभव प्रदान करेगी.
विकास भी, विरासत भी
रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है. शून्य-उत्सर्जन आधारित यह डबल डेकर ई-बस सतत विकास, हरित परिवहन और स्वच्छ पर्यटन की दिशा में एक ठोस पहल है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और दिल्ली की छवि एक स्वच्छ, हरित और गतिशील वैश्विक राजधानी के रूप में और मजबूत होगी.
आधुनिक सुविधाओं, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था
यह 63-सीटर बस आधुनिक सुविधाओं, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और पैनोरमिक अपर डेक से सुसज्जित है, जिससे पर्यटकों को आरामदायक और यादगार अनुभव मिलेगा. बस का संचालन पूरी तरह इलेक्ट्रिक तकनीक पर आधारित है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
ग्लोबल टूरिज्म मैप पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह सेवा केवल एक वाहन का शुभारंभ नहीं, बल्कि दिल्ली को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर पर्यटन क्षेत्र में दूरदृष्टि और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली अब ‘ट्रांजिट सिटी’ से ‘डेस्टिनेशन सिटी’ बनने की ओर अग्रसर है. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली में 1,200 से अधिक स्मारक मौजूद हैं, जो प्राचीन सभ्यता से लेकर ब्रिटिश कालीन विरासत और आधुनिक विश्वस्तरीय ढांचे तक का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करते हैं. आने वाले समय में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे वैश्विक आयोजनों की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे टूरिज्म, कॉन्सर्ट इकोनॉमी और क्रिएटर इकोनॉमी को नई गति मिलेगी.
'देखो मेरी दिल्ली' बस सेवा
'देखो मेरी दिल्ली' बस सेवा का संचालन दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा हिंदुजा कंपनी के सहयोग से किया जा रहा है. इसका प्रारंभिक स्थल दिल्ली हाट, आईएनए निर्धारित किया गया है, जहां से प्रतिदिन सुबह 9 बजे बस रवाना होगी.
क्या रहेगा इसका रूट?
यह विशेष पर्यटन सर्किट विजय चौक, राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, नेशनल म्यूजियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, प्रधानमंत्री संग्रहालय, नेशनल वॉर मेमोरियल और इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्थलों से होकर दोबारा दिल्ली हाट, आईएनए पर समाप्त होगा. यह मार्ग पर्यटकों को राजधानी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का सुव्यवस्थित अनुभव देगा.
क्या रहेगा किराया?
टिकट व्यवस्था भी सरल रखी गई है. वयस्कों के लिए किराया 500 रुपये है, जिस पर 5 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त होगा. पांच से दस वर्ष तक के बच्चों के लिए किराया 300 रुपये (प्लस 5 प्रतिशत जीएसटी) निर्धारित है, जबकि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यात्रा निःशुल्क है. टिकट की ऑनलाइन बुकिंग दिल्ली पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है. इसके अतिरिक्त, कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल रिजर्वेशन ऑफिस, आई-सेंटर, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल-1, वेस्ट किदवई नगर ट्रांसपोर्ट ऑफिस, दिल्ली हाट (आईएनए) और अन्य सूचना केंद्रों से ऑफलाइन टिकट भी उपलब्ध हैं.
विरासत और विकास दोनों को बढ़ने की कोशिश
'देखो मेरी दिल्ली' डबल डेकर ई-बस सेवा राजधानी के पर्यटन ढांचे को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करती है.