• Home>
  • Gallery»
  • Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा

Dauji Huranga: मथुरा-वृंदावन की होली विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन बरसाने और नंदगांव के अलावा बल्देव स्थित दाऊजी मंदिर का हुरंगा भी बेहद खास माना जाता है. होली के अगले दिन आयोजित होने वाला दाऊजी का हुरंगा अपनी अनोखी ‘कोड़े मार होली’ परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें हुरियारिनें गोपिका वेश में पुरुषों पर प्रेमपूर्वक कोड़े बरसाती हैं.


By: Ranjana Sharma | Last Updated: February 27, 2026 3:10:56 PM IST

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
1/7

मथुरा-वृंदावन की विश्वप्रसिद्ध होली

मथुरा और वृंदावन की होली पूरी दुनिया में मशहूर है. देश-विदेश से श्रद्धालु नंदगांव और बरसाना की होली देखने पहुंचते हैं. बृज में होली से कई दिन पहले ही कृष्ण भक्तों का जमघट लग जाता है.

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
2/7

बरसाने से आगे, दाऊजी का अनोखा हुरंगा

अगर आप इस बार मथुरा की होली देखने जा रहे हैं, तो बरसाने की होली के साथ दाऊजी का हुरंगा भी जरूर देखें. यह परंपरा अपने अनोखे अंदाज़ के लिए खास पहचान रखती है.

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
3/7

कब होता है दाऊजी का हुरंगा?

इस साल दाऊजी का हुरंगा 5 मार्च को आयोजित होगा. होली के अगले दिन मनाया जाने वाला यह आयोजन सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर तक चलता है.

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
4/7

कोड़े मार होली की अनोखी परंपरा

दाऊजी के हुरंगा में पंडा और उनकी पत्नियां हिस्सा लेते हैं. हुरियारिनें गोपिकाओं के वेश में सजी होती हैं और पुरुषों पर जमकर कोड़े बरसाती हैं. इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उमड़ते हैं.

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
5/7

प्रेम और रंगों से सराबोर मंदिर परिसर

परंपरा के अनुसार पुरुष गोप समूह में आते हैं और महिलाएं गोपिका बनकर मंदिर पहुंचती हैं. जब गोप अपनी गोपिकाओं को छेड़ते हैं, तो महिलाएं कोड़े बरसाती हैं. भीगे बदन पर कोड़े की मार भी प्रेम के रंगों में फीकी लगने लगती है.

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
6/7

आसमान में उड़ता अबीर-गुलाल

हुरंगा की तैयारियां महीनों पहले शुरू हो जाती हैं. टेसू के फूलों से बने रंग, बड़ी-बड़ी मशीनों से उड़ता गुलाल, ढोल-नगाड़ों की गूंज और फूलों की वर्षा – पूरा वातावरण रंगमय हो उठता है.

Dauji Huranga: जब बरसते हैं कोड़े और उड़ता है गुलाल… ऐसा होता है दाऊजी का हुरंगा, जानें क्या है अनोखी परंपरा - Photo Gallery
7/7

सुबह 4 बजे से खुलते हैं दर्शन

हुरंगा वाले दिन दाऊजी मंदिर में सुबह 4 बजे से दर्शन शुरू हो जाते हैं. सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है और पूरा बल्देव नगर होली के रंग में रंग जाता है.