Chandra Grahan 2026: दिल्ली का ये फेमस मंदिर ग्रहण में भी रहता है खुला, कभी नहीं बंद होते कपाट
Chandra Grahan 2026: आकाश में जब भी सूर्य या चंद्र ग्रहण लगता है, देशभर के अधिकांश मंदिरों के कपाट परंपरानुसार बंद कर दिए जाते हैं. साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा और होलिका दहन के दिन पड़ रहा है, जिस कारण कई धार्मिक कार्यक्रमों के समय में बदलाव किया गया है. सूतक के चलते आमतौर पर पूजा-पाठ रोक दिया जाता है, लेकिन दिल्ली एनसीआर में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है जहां ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं माना जाता. यहां श्रद्धालु ग्रहण के दौरान भी निर्बाध दर्शन कर सकते हैं.
ग्रहण और धार्मिक मान्यता
हिंदू परंपरा में सूर्य और चंद्र ग्रहण को अशुभ माना गया है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण की शुद्धता प्रभावित होती है, इसलिए शुभ कार्य टाल दिए जाते हैं.
सूतक काल का प्रभाव
ग्रहण लगने से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. इस दौरान मंदिरों में मूर्तियों पर पर्दा डाल दिया जाता है, आरती और भोग रोक दिए जाते हैं.
होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण
साल 2026 में चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है. इसी कारण होलिका दहन की पूजा 2 मार्च को निर्धारित की गई है.
दिल्ली का विशेष मंदिर – कालकाजी मंदिर
राजधानी दिल्ली का प्राचीन और फेमस कालकाजी मंदिर ग्रहण के दौरान भी बंद नहीं होता. यहां भक्तों के लिए कपाट खुले रहते हैं.
ग्रहों की अधिष्ठात्री मां
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बारह राशियां और नौ ग्रह मां काली की शक्ति में समाहित हैं. इसलिए ग्रहण का प्रभाव यहां निष्प्रभावी माना जाता है.
परंपरा की अनोखी मिसाल
जहां अन्य मंदिरों में शुद्धिकरण के बाद ही पूजा शुरू होती है, वहीं कालकाजी मंदिर में ग्रहण के समय भी भक्ति और आराधना जारी रहती है.