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ड्रैगन ने DeepSeek के नाम पर नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में की गंदी हरकत, जो कभी न सुधरे वो चीन

ChatGPT को टक्कर देने के लिए चीन ने AI चैटबॉट ऐप DeepSeek लॉन्च किया है। यह ऐप अमेरिका और चीन में काफी लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, भारत के मामले में DeepSeek चीन के एजेंट के तौर पर काम कर रहा है।

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inkhbar News
  • January 28, 2025 4:06 pm Asia/KolkataIST, Updated 2 months ago

नई दिल्ली : ChatGPT को टक्कर देने के लिए चीन ने AI चैटबॉट ऐप DeepSeek लॉन्च किया है। यह ऐप अमेरिका और चीन में काफी लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, भारत के मामले में DeepSeek चीन के एजेंट के तौर पर काम कर रहा है। चीनी ऐप DeepSeek ने दिखा दिया है कि वह अपनी गंदी हरकतों से बाज नहीं आने वाला है। यह ऐप भारत में डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। हालांकि, जब ऐप पर कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को लेकर सवाल पूछा गया तो DeepSeek से जवाब मिला कि … Lets talk about something else. मतलब, चलो कुछ और बात करते हैं।

भारतीय राज्यों पर चीन का दावा

चीन अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों पर अपना दावा करता है, जो असल में भारतीय राज्य हैं। पाकिस्तान भी कश्मीर पर अपना दावा करता है और जैसा कि सभी जानते हैं, चीन पाकिस्तान का सहयोगी है। ऐसे में चीन द्वारा बनाया गया डीपसीक कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं देता है। यह इसके AI के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।

डेटा चोरी का खतरा बढ़ा

डीपसीक एक चीनी ऐप है, इसका उपयोग करने के लिए भारतीय उपयोगकर्ताओं को ईमेल और मोबाइल नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करनी होती है। हालांकि, भारतीय यूजर्स को ऐसा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ सकता है।

 

ऐप की चर्चा क्यों

डीपसेक एक चीनी ऐप है, जिसे इंजीनियर और उद्यमी लियांग वेनफेंग ने साल 2023 में बनाया था। इसे आज के समय का सबसे बेहतरीन AI मॉडल बताया जा रहा है। इसे चैटजीपीटी का प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यह सभी यूजर्स के लिए मुफ्त में उपलब्ध है। हालांकि, इसका इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपना डेटा देना होगा।

क्या डीपसीक पर प्रतिबंध लगेगा?

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब चीन पर तकनीक का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है। एआई के मामले में ये चिंताएं और बढ़ जाती हैं। इससे पहले भी भारत सरकार ने देश की अखंडता और सुरक्षा के मद्देनजर सैकड़ों चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। ऐसे में गलत जानकारी देने के लिए डीपसीक पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

 

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