Siddharthnagar newborn rescue: सिद्धार्थनगर के इटवा कस्बे के ITI नहर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह के समय वहां से गुजर रहे लोगों को अचानक एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी. पहले तो लोगों को समझ नहीं आया कि आवाज कहां से आ रही है, लेकिन जब पास जाकर देखा तो सभी के होश उड़ गए. नहर किनारे एक कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची पड़ी हुई थी, जो जोर-जोर से रो रही थी. यह दृश्य देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में सनसनी फैल गई.
कपड़े में लिपटी मिली नवजात
जब लोगों ने करीब जाकर देखा तो पाया कि बच्ची पूरी तरह नवजात थी और उसका नाड़ा (नाल) तक नहीं कटा था. इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि बच्ची को जन्म के तुरंत बाद ही इस सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया था. इतनी छोटी बच्ची का इस हालत में मिलना हर किसी को झकझोर गया. अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो भूख, ठंड या किसी अन्य वजह से उसकी जान जा सकती थी.
पुलिस की तत्परता से बची मासूम की जिंदगी
इटवा निवासी बब्लू, जो उस समय पेट्रोल भराने जा रहे थे, उन्होंने सबसे पहले बच्ची की रोने की आवाज सुनी. उन्होंने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर स्थिति को समझा और तुरंत डायल 112 पर कॉल कर सूचना दी. उनके साथ इरशाद ने भी पूरी मदद की. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए नवजात को अपनी निगरानी में लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया. युवकों और पुलिस की इस तत्परता ने एक मासूम की जान बचा ली, जिसे लोग इंसानियत की मिसाल मान रहे हैं.
पुलिस कर रही जांच
अस्पताल पहुंचने के बाद बच्ची को तुरंत NICU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच पाई. वहीं, इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर किसने इस नवजात बच्ची को इस हालत में नहर किनारे छोड़ दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके.
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Published by Ranjana Sharma
April 19, 2026 05:24:08 PM IST

