नई दिल्ली: सिंगापुर में आयोजित विश्व शतरंज चैंपियनशिप 2024 के फाइनल में गुकेश डी भारतीय ग्रैंडमास्टर बने. गुकेश डी ने चीन के डिंग लिरेन को हराकर इतिहास रच दिया. 18 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के शतरंज विश्व चैंपियन बनने वाले गुकेश की जीत पर अब विवाद खड़ा हो गया है. रूसी चेस फेडरेशन के अध्यक्ष एंड्री फिलाटेव ने डिंग लिरेन पर जानबूझकर फाइनल हारने का आरोप लगाया है और इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) से जांच की मांग की है. आइए आगे जानते हैं कि उन्होंने जांच की मांग क्यों की.
रूसी चेस फेडरेशन के अध्यक्ष एंड्री फिलाटेव ने कहा कि फाइनल मैच में डिंग लिरेन की चाल संदिग्ध थी. उन्होंने दावा किया कि डिंग जिन परिस्थितियों में थी, उनमें प्रथम श्रेणी खिलाड़ी के लिए हारना मुश्किल था. उन्होंने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि डिंग लिरेन जानबूझकर मैच हार गए. यह न केवल पेशेवर खिलाड़ियों के लिए बल्कि शतरंज प्रशंसकों के लिए भी संतोषजनक नहीं है. FIDE को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए.”
The President of the Chess Federation of Russia🇷🇺, FIDE honorary member Andrei Filatov, accuses Ding Liren🇨🇳 of losing on purpose, and asks @FIDE_chess to start an investigation:@FIDE_chess @tassagency_en https://t.co/mPpSjwj2xK pic.twitter.com/SANqHdhVEI
— Peter Heine Nielsen (@PHChess) December 12, 2024
गुकेश और डिंग लिरेन के बीच ये 14 मैच राउंड का चला, जिसमें पहले 13 राउंड के बाद दोनों खिलाड़ी 2-2 से बराबरी पर थे, जबकि 9 मैच ड्रा रहे. 14वें राउंड में गुकेश ने डिंग को 7.5-6.5 के अंतर से हराकर खिताब जीता. यह जीत उन्हें विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाला भारत का दूसरा ग्रैंडमास्टर बनाती है. इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ विश्वनाथन आनंद ने ही हासिल की थी. डिंग लिरेन पिछले साल विश्व शतरंज चैंपियन बने थे और इस बार वह खिताब बचाने के इरादे से आये थे. लेकिन फाइनल में गुकेश के खिलाफ हार ने न सिर्फ उन्हें चैंपियनशिप से बाहर कर दिया, बल्कि उनके खेल पर भी सवाल खड़े कर दिए.
FIDE ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. बहरहाल, शतरंज की दुनिया में यह मामला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. देखना यह होगा कि FIDE इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।
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