Makar Sankranti kab hai: हर साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है. लेकिन इस साल विद्वानों में मतभेद चल रहा है. इस बार 14 तारीख को एकादशी पड़ रही है. जिसके कारण सारा कन्फ्यूजन हो रहा है. लोग जानना चाहते हैं कि खिचड़ी और दाल-चावल के दान के इसे पर्व पर चावल दान करें और उसका प्रसाद बनाएं या नहीं.
मकर संक्रांति का पर्व
मकर संक्रांति को साल का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है. इस दिन खिचड़ी दान करने और खाने की परंपरा सालों से चली आ रही है. हालांकि, एकादशी के चलते इसे कुछ लोग निषेध मान रहे हैं.
किस दिन मनाएं मकर संक्रांति?
इस बार मकर संक्रांति 14 को भी है लेकिन अगर 15 जनवरी को मनाएंगे तो ज्यादा सही रहेगा.
क्योंकि इस बार मकर संक्रांति 14 को भी है लेकिन अगर 15 जनवरी को मनाएंगे. मकर संक्रांति में स्नान का भी महत्व होता है. इसलिए बुधवार के बजाय संक्रांति गुरुवार को मनाइए. 14 जनवरी को मकर संक्रांति दोपहर को 3 बजकर 16 मिनट से शुरु होगी. इसलिए 15 जनवरी की सुबह तक रहेगी.
एकादशी को कर सकते हैं चावलों का दान
14 जनवरी को एकादशी है, लेकिन आप चावलों का दान कर सकते हैं. इस दिन खिचड़ी का काफी ज्यादा महत्व माना जाता है. इस दिन चावल, दाल, गुड़-तिल का दान आपके लिए शुभ माना जाता है.
क्या खा सकते हैं खिचड़ी?
अगर 15 जनवरी को संक्रांति मना रहे हैं तो उस दिन चावल पकाना और खाना फलदायक साबित होगा. इसलिए भी आप गुरुवार को संक्रांति मनाएं तो बेहतर होगा. लेकिन अगर आप 14 को ही पर्व मना रहे हैं तो इस दिन आप खिचड़ी या चावल का न तो भोग लगाएं न ही प्रसाद मनाएं. एकादशी के दिन चावल खाना निषेध है. इसलिए आप केवल उपवास रख सकते हैं.
इन चीजों का करें दान
इस दिन मूंगफली, पहनने-ओढ़ने के वस्त्र, चावल, दाल, तिल, गुड़, गजक, रुपये, बर्तन आदि दान कर सकते हैं.
Published by Preeti Rajput
January 13, 2026 12:23:58 PM IST

