क्या आप भी हैं इन बिमारियों के मरीज? तो भुट्टा खाना बन सकता हैं आपके लिए जहर
बारिश के मौसम में अक्सर लोग भुट्टा खाना पसंद करते हैं। बरसात के दिनों में सड़कों के किनारे उबले, मिर्च-मसाले और नमक, नींबू वाला भुट्टा सभी की पहली पसंद होता हैं। कॉर्न में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन होते हैं। जो हमें काफी हद तक फायदे पहुंचाते हैं, लेकिन कुछ लोगो के लिए यह काफी नुकसानदायक होता हैं।
डायबिटीज के मरीज (Diabetic patients should avoid corn)
भुट्टे में कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च होता है, जो शरीर में शुगर के लेवल को बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को भुट्टा कम खाना चाहिए। बार-बार या ज्यादा मात्रा में खाने से ग्लूकोज कंट्रोल बिगड़ सकता है।
पेट से जुड़ी दिक्कतें (People with stomach problems should avoid corn)
जिन लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कत ह, उन्हें भुट्टा अवॉइड करना चाहिए। क्योंकि भुट्टे में फाइबर की मात्रा ज्यादा होता हैं। जिन लोगो को गैस, एसिडिटी, या कब्ज है उन्हें भुट्टा अवॉइड करना चाहिए।
किडनी वाले मरीज (Kidney patients should avoid corn)
किडनी के मरीजों को भुट्टे को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें पोटैशियम और फॉस्फोरस होता है। अगर किडनी सही से काम नहीं कर रही है, तो ज़्यादा पोटैशियम शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और परेशानी बढ़ सकती है।
वजन घटाने वाले लोग (People who want to lose weight should not eat corn)
भुट्टा हेल्दी जरूर है, लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की मात्रा भी अच्छी-खासी होती है। ज्यादा कैलोरी से वजन बढ़ सकता है। अगर आप वजन घटाने के लिए लो-कार्ब डाइट ले रहे हैं, तो भुट्टे को अवॉइड करे।
मक्के से एलर्जी वाले लोग (People with corn allergies)
मक्के से एलर्जी वाले लोगों को भुट्टे नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे एलर्जी के सिम्पटम्स बढ़ सकते हैं। भुट्टा खाने से खुजली या साँस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अगर आपको भी इनमें से कोई दिक्कत है, तो डॉक्टर से कंसल्ट करे।
प्रेग्नेंट महिलाएं (pregnant women)
प्रेग्नेन्सी के दौरान महिलाओं का डाइजेस्टिव सिस्टम सेंसिटिव होता है। ज्यादा फाइबर वाला भुट्टा कुछ महिलाओं में गैस, भारीपन या कब्ज पैदा कर सकता है। साथ ही, ज्यादा नमक वाला भुट्टा पानी रोकने की समस्या (water retention) बढ़ा सकता है।
Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.