High-level meeting of Chief Ministers: वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण हाईलेवल बैठक की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में देश की मौजूदा स्थिति, संभावित प्रभाव और भविष्य की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि वैश्विक हालात का असर भारत पर न पड़े, इसके लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है.
“टीम इंडिया” की ताकत पर भरोसा
प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि इस तरह के वैश्विक संकटों से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत तालमेल बेहद जरूरी है. उन्होंने “टीम इंडिया” के रूप में काम करने पर जोर देते हुए कहा कि एकजुट प्रयासों से किसी भी चुनौती का प्रभाव कम किया जा सकता है. साथ ही उन्होंने राज्यों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
सरकार की प्राथमिकताएं तय
बैठक में केंद्र सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया. इनमें देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना, व्यापारिक गतिविधियों को बाधित न होने देना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना शामिल है. सरकार का फोकस इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो.
सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी के निर्देश
राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आने दें. इसके साथ ही जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है. प्रशासन को बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए गए.
कृषि क्षेत्र में एडवांस प्लानिंग जरूरी
सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है. राज्यों को उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो और उत्पादन प्रभावित न हो. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच तेज और प्रभावी समन्वय बेहद जरूरी है. इसके लिए एक मजबूत कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म विकसित करने और रियल-टाइम फैसले लेने की क्षमता बढ़ाने पर बल दिया गया.
बॉर्डर और तटीय राज्यों के लिए विशेष सतर्कता
सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है. शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में सप्लाई चेन प्रभावित न हो. सरकार ने साफ तौर पर कहा कि इस संवेदनशील समय में अफवाहें स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को ही सही मानें. बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया. राज्यों ने कहा कि वे केंद्र के साथ मिलकर स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
ईंधन आपूर्ति पर राहत की खबर
राज्यों ने यह भी जानकारी दी कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है. पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी और LPG आवंटन बढ़ाने के फैसलों का भी स्वागत किया गया, जिससे आम लोगों को राहत मिल रही है.
Published by Ranjana Sharma
March 27, 2026 10:20:17 PM IST

