Explainer: 11 हॉर्न बजाती है ट्रेन! हर किसी का होता है अलग मतलब; खतरा भांपते ही पायलट देता है ये बड़ा संकेत!

Indian Railways Train Horn: भारतीय रेलवे में हॉर्न सबसे पुराने और सबसे जरूरी सेफ्टी टूल्स में से एक हैं. ये स्टेशनों और शोरगुल वाले माहौल में तुरंत मैसेज पहुंचाते हैं.

Published by Preeti Rajput
Indian Railways Train Horn: भारतीय रेलवे साधारण ट्रेन के चलने से लेकर इमरजेंसी तक की सूचना देने के लिए 11 अलग-अलग हॉर्न पैटर्न का इस्तेमाल करता है. एक बार जब आपको पता चल जाता है कि हर सिग्नल क्या बताता है, तो ये आवाज़ें बैकग्राउंड शोर से कहीं ज़्यादा दिलचस्प हो जाती हैं.

ट्रेनें हॉर्न क्यों बजाती हैं?

हॉर्न रेल यात्रा में सबसे पुराने और सबसे जरूरी सुरक्षा उपकरणों है. वे लंबी दूरी, भीड़ भरे स्टेशनों और शोर वाले माहौल में तुरंत जानकारी देते हैं.

क्या है हॉर्न का मकसद?

  • पैदल चलने वालों, मज़दूरों और गाड़ियों को चेतावनी देना
  • स्टेशन स्टाफ को जानकारी देना
  • इमरजेंसी और टेक्निकल खराबी के बारे में बताना
  • लेवल क्रॉसिंग और व्यस्त ट्रैक सेक्शन को सुरक्षित करना
  • हॉर्न के बिना, स्टेशनों और ट्रेन के कर्मचारियों के बीच तालमेल धीमा और खतरनाक होगा.

हॉर्न कोड कौन तय करता है?

इंडियन रेलवे के पास हॉर्न के इस्तेमाल के लिए टेक्निकल गाइडलाइंस मौजूद है. ड्राइवर को हर स्थिति में सख्त टाइमिंग और हॉर्न पैटर्न का पालन करना होता है. ताकी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में ट्रेन के बारे में जानकारी मिलती रहे. यह हॉर्न कोड ट्रेनिंग के दौरान सिखाए जाते हैं. इन्हें ऑपरेशनल नियमों के ज़रिए पालन किया जाता है. क्योंकि, एक छोटी सी गलती के कारण हजारों यात्रियों की जान मुश्किल में पड़ सकती है.

भारतीय ट्रेन हॉर्न सिग्नल और मतलब

1. एक छोटा हॉर्न: ट्रेन सर्विस के लिए जा रही है
2. दो छोटे हॉर्न: चलने के लिए तैयार
3. तीन छोटे हॉर्न: इमरजेंसी स्थिति
4. चार छोटे हॉर्न: टेक्निकल दिक्कत
5. एक लंबा हॉर्न + एक छोटा हॉर्न: ब्रेक पाइप चेक
6. दो लंबे हॉर्न + दो छोटे हॉर्न: क्रू कोऑर्डिनेशन जरूरी है
7. लगातार हॉर्न: ट्रेन इस स्टेशन पर नहीं रुकेगी
8. दो हॉर्न दो रुक-रुक कर: लेवल क्रॉसिंग चेतावनी
9. दो लंबे हॉर्न + एक छोटा हॉर्न: ट्रैक बदलना
10. दो छोटे हॉर्न + एक लंबा हॉर्न: चेन खींची गई या ब्रेक लगाया गया
11. छह छोटे हॉर्न: गंभीर खतरा

हॉर्न सिग्नल को कैसे बदल सकती है

  • ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन
  • एंटी-कोलिजन सिस्टम
  • ट्रेन क्रू और स्टेशनों के बीच डिजिटल कम्युनिकेशन

डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेनों की आवाज

डीजल लोकोमोटिव में गहरी, गूंजने वाली हॉर्न होती हैं जो लंबी ट्रैक पर दूर तक सुनाई देती हैं. वहीं, इलेक्ट्रिक ट्रेनों की आवाज़ तेज़ और ऊंची होती है. यह अंतर उन्हें पावर देने वाली मशीनरी की वजह से होता है.
Preeti Rajput

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